वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार (11 जुलाई) को एक बड़ा नाव हादसा हो गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस हादसे में भारतीय पर्यटकों समेत 15 लोगों की मौत की आशंका है।
बताया जा रहा है कि स्पीडबोट में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के 4 सदस्य सवार थे। नाव हॉन मे रुत से अन थोई बंदरगाह जा रही थी। इसी दौरान तट से करीब 400 मीटर दूर नाव पलट गई और सभी लोग समुद्र में गिर गए। हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने गहरा दुख जताया है।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘वियतनाम के फु क्वोक के पास भारतीय नागरिकों के साथ हुए नाव हादसे की दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है. घायलों के जल्दी ठीक होने की मेरी प्रार्थना है. हमारी एंबेसी और कॉन्सुलेट हर मुमकिन मदद कर रही है. हमारे अधिकारी भी वियतनामी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं.’

जानकारी के मुताबिक, इस घटना में कुल 15 लोगों की मौत हुई. इससे पहले, हनोई में भारतीय दूतावास ने कहा था कि तलाश और बचाव अभियान जारी है और उसने इस घटना के सिलसिले में कंट्रोल रूम स्थापित किये हैं. हालांकि, भारतीय दूतावास ने लोगों की मौत के बारे में अबतक कोई विवरण नहीं दिया है.
दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘एक दुखद घटना में, वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गयी. जानकारी और मदद मुहैया कराने के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास और हनोई स्थित भारतीय दूतावास में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं.’
वहीं मामले में कांग्रेस ने विदेश मंत्रालय से अपील की है कि वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के निकट नाव पलटने की घटना में लापता भारतीय पर्यटकों के परिजन को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए. पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वियतनाम में भारतीय दूतावास ने उस नाव पर सवार 32 भारतीय पर्यटकों के नाम जारी किए हैं, जो कुछ घंटे पहले फु क्वोक द्वीप के निकट पलट गई थी.
उन्होंने कहा कि घटना से जुड़ी और जानकारी का इंतजार है और जिन भारतीय पर्यटकों का अब तक पता नहीं चल सका है, उनके परिजनों को विदेश मंत्रालय हरसंभव सहायता उपलब्ध कराए. खेड़ा ने कहा, ‘ हम लापता भारतीय पर्यटकों के परिजनों के साथ खड़े हैं तथा पर्यटकों को सुरक्षित होने की कामना करते हैं.’

