उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पिछले कई दिनों से गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था। इसकी वजह से नदी के किनारे रहने वाले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। अब पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर कम होने लगा है। इसके साथ ही वरुणा नदी का पानी भी घट रहा है। इससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में दोनों नदियों का जलस्तर सामान्य हो जाएगा और तटीय इलाकों में लोगों की जिंदगी फिर से पटरी पर लौटेगी। हालांकि, प्रशासन ने अभी भी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी से दूर रहने की सलाह दी है।
चेतावनी बिंदु से नीचे आया गंगा का पानी
ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर करीब 1 से 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा था। इसके बाद वरुणा नदी और उसके आसपास के इलाकों में भी पानी कम हुआ है।
वरुणा नदी के किनारे कई इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है, लेकिन कई घरों से पानी बाहर निकल चुका है। फिलहाल गंगा का जलस्तर 69.68 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी बिंदु से नीचे है।
अभी भी कई घाटों का संपर्क टूटा
पानी कम होने के बावजूद वाराणसी के सभी घाटों के बीच संपर्क अभी सामान्य नहीं हुआ है। बाढ़ की वजह से घाटों पर होने वाले रोजमर्रा के काम और आम लोगों की गतिविधियां प्रभावित हैं।
पिछले करीब 15 दिनों से नौका संचालन पर रोक लगी हुई है। वहीं, गंगा आरती भी घाट की बजाय छत पर कराई जा रही है।
प्रशासन अभी कुछ और दिनों तक गंगा और वरुणा के जलस्तर पर नजर रखेगा। जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक नदी से जुड़ी गतिविधियों पर पाबंदियां जारी रहेंगी। उम्मीद है कि जलस्तर लगातार कम होने के साथ वाराणसी के तटवर्ती इलाकों में जनजीवन जल्द सामान्य हो जाएगा।

