उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में रविवार को धीरेन्द्र प्रताप नाम के एक व्यक्ति की अपहरण के बाद गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इसी बीच सोशल मीडिया पर मृतक को हिंदू युवा वाहिनी का नेता बताया जाने लगा।
मामला तेजी से सोशल मीडिया और देशभर में चर्चा में आ गया। लेकिन शाम होते-होते इस कहानी में बड़ा मोड़ आ गया। हिंदू युवा वाहिनी के लखनऊ मंडल प्रभारी धीरेंद्र प्रताप सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें उन्होंने खुद को जिंदा और पूरी तरह सुरक्षित बताया।
वीडियो में बोले- ‘मैं जिंदा और सुरक्षित हूं’
वायरल वीडियो में धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, ‘मैं जीवित हूं और सकुशल हूं।’ उन्होंने बताया कि कुछ न्यूज चैनलों ने जल्दबाजी में उन्नाव के रहने वाले एक अन्य धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की खबर को उनके साथ जोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि खबरों में उनकी फोटो के साथ हिंदू युवा वाहिनी और हिंदूवादी नेता के तौर पर भी उनका नाम चलाया गया। इससे उनके जानने वालों और परिवार के लोगों में घबराहट फैल गई।
एक घंटे में आए करीब 200 फोन
धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खबर सामने आने के बाद उनके फोन पर लगातार कॉल आने लगे। उन्होंने कहा कि करीब एक घंटे में उन्होंने लगभग 200 फोन कॉल उठाए और ज्यादातर लोगों का पहला सवाल यही था कि वह जिंदा हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि ‘सामने टीवी चल रही है और मैं बैठकर अपनी मौत की खबर देख रहा हूं।’
मीडिया से की खबर की पुष्टि करने की अपील
धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया से अपील की कि किसी भी खबर को चलाने से पहले उसकी सही तरीके से पुष्टि की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना जांच-पड़ताल के किसी व्यक्ति की मौत की खबर चलने से उसकी जिंदगी और परिवार पर काफी असर पड़ सकता है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में एक ही नाम वाले दो अलग-अलग लोगों को लेकर भ्रम की स्थिति सामने आई है। पुलिस हत्या के मूल मामले की जांच कर रही है।

