- अगर आप भी अपने बच्चों को सिर्फ भीड़ देखकर किसी शिक्षण संस्थान में पढ़ने भेज देते हैं, तो अब सावधान हो जाइए।
- क्या नौकरी का सपना दिखाने वाले कुछ लापरवाह शिक्षण संस्थान ही बच्चों की जिंदगी छीन रहे हैं?
- क्या इन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा था?
- क्या प्रशासन और सरकार को इन खामियों की भनक नहीं थी?
- आखिर ऐसे लापरवाह संस्थानों पर सरकार कब तक सख्त कार्रवाई करेगी?
- क्या मासूम बच्चों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है?
- अब सवाल सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है, आखिर कौन है जिम्मेंदार ?
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश के कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक केंद्रों में हड़कंप मचा हुआ है. प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने मंगलवार को सिविल लाइंस में तीन कोचिंग संस्थानों खान ग्लोबल स्टडीज, राव आईएएस और पितृ छाया को सील कर दिया।
पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने बताया कि खान ग्लोबल स्टडीज में एक कमरे में एक हजार छात्रों के बैठने के लिए लकड़ी की मेज लगवाई गई है। वहां जगह बहुत ही सीमित है। अगर कोई घटना होती है तो सुरक्षित निकल पाना काफी मुश्किल होगा। जांच के दौरान वहां अग्नि सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं मिले। राव आईएएस कोचिंग संस्थान का संचालन भी मानक के विपरीत पाया गया। पितृ छाया कोचिंग संस्थान आवासीय भवन में संचालित किया जा रहा है।
तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इन कोचिंग संस्थानों को सील किया गया है। इसके अलावा शहर के सभी कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है कि अगर संचालन मानक के विपरीत हो रहा है तो तत्काल बंद कर दें। मानक पूरे करने के बाद ही कोचिंग का संचालन शुरू करें। बुधवार को भी कोचिंग संस्थानों की जांच पड़ताल की जाएगी।
बीच में बंद कराई कोचिंग, छात्रों को निकाला बाहर
खान ग्लोबल स्टडीज में कार्रवाई के लिए पीडीए की टीम पहुंची तो वहां कक्षा चल रह थी। कोचिंग को सील करने से पहले सभी छात्रों को बाहर निकाला गया। कोचिंग में नीचे उतरने के लिए एक सीढ़ी थी। छात्रों की संख्या काफी अधिक थी। ऐसे में छात्रों को बाहर निकलने में काफी वक्त लगा। जब सभी छात्र बाहर आ गए, तब पीडीए की टीम ने कोचिंग संस्थान को सील किया। दूसरे कोचिंग संस्थानों में भी कमोवेश यही स्थिति रही।
13 कोचिंग संस्थानों में नहीं मिले इंतजाम सुरक्षा के खास इंतजाम
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद शुरू हुई जांच में प्रयागराज के कोचिंग संस्थानों में भी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। अग्निशमन विभाग ने मंगलवार को जिलेभर में 23 संस्थानों में व्यवस्थाएं परखीं। अधिकतर में सुरक्षा मानकों की कमी मिली। 13 कोचिंग संस्थानों को नोटिस दिया गया है। सात दिन में व्यवस्थाएं ठीक न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कर्नलगंज व टैगोर टाउन में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और शिक्षण संस्थानों की जांच की। कई संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरण तो मिले, लेकिन वे काम नहीं कर रहे थे। अतिरिक्त प्रवेश और निकास मार्ग, पानी की व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम जैसे जरूरी इंतजामों की भी कमी मिली।
चेकिंग के दौरान कई कोचिंग संस्थान बंद मिले हैं। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई है। जिन संस्थानों में खामियां मिली हैं, उनके संचालकों को सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
