रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार, 16 अगस्त को एक बार फिर तनाव बढ़ गया। यूक्रेन ने रूस के मॉस्को क्षेत्र समेत कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने देशभर में 822 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। मॉस्को क्षेत्र में हुए हमले में एक 83 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।
वाइल्डबेरीज के गोदाम को बनाया निशाना
मॉस्को के पास पोडोलस्क इलाके में रूस की बड़ी ऑनलाइन कंपनी वाइल्डबेरीज के एक गोदाम पर भी ड्रोन हमला हुआ। हमले के बाद वहां से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। रूस के अधिकारियों के मुताबिक, आसपास के कुछ अन्य इलाकों में भी नुकसान हुआ।
यूक्रेन पिछले कुछ समय से रूस के आर्थिक और सैन्य ढांचे से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है। रूस का आरोप है कि ऐसे हमले उसकी सैन्य गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश हैं।
बेलगोरोद में बस पर हमला
रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में एक बस पर हुए ड्रोन हमले में भी एक व्यक्ति की मौत हुई। वहीं, यूक्रेन की सेना ने दावा किया कि उसने रूस के रोस्तोव क्षेत्र में मिसाइल ईंधन बनाने वाली एक सुविधा को निशाना बनाया। रूस की ओर से इस दावे पर तत्काल पुष्टि नहीं की गई।
रूस ने यूक्रेन पर भी किए हमले
इस बीच रूस ने भी यूक्रेन के कई इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में एक बड़े स्टील प्लांट को निशाना बनाया गया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में दो लोगों की मौत और 14 लोग घायल हुए।
हमले से प्लांट के बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े हिस्सों को नुकसान पहुंचा। इसके चलते वहां उत्पादन का कुछ हिस्सा रोकना पड़ा।
कीव में भी हमले से लगी आग
रूस के मिसाइल हमले के बाद यूक्रेन की राजधानी कीव के कम से कम दो इलाकों में आग लग गई। अधिकारियों के मुताबिक, कीव में तीन लोग घायल हुए। कीव क्षेत्र में हुए ड्रोन हमलों में एक बच्चे समेत तीन अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
रोमानिया के हवाई क्षेत्र में भी पहुंचा ड्रोन
इन हमलों के बीच एक ड्रोन रोमानिया के हवाई क्षेत्र में भी घुस गया। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एक F-18 लड़ाकू विमान ने ड्रोन को मार गिराया। NATO के एक अधिकारी ने ड्रोन के रूसी होने की संभावना जताई है।
रूस और यूक्रेन के बीच लगातार बढ़ रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों से दोनों देशों में तनाव और बढ़ गया है। हाल के दिनों में दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैन्य और आर्थिक ढांचे को निशाना बना रहे हैं।

