राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! आरोपी की निशानदेही पर ब्रेजा कार जब्त

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! आरोपी की निशानदेही पर ब्रेजा कार जब्त

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर एक ब्रेजा कार बरामद की है।

पुलिस का दावा है कि यह कार चोरी की रकम से खरीदी गई थी, इसलिए इसे जब्त कर लिया गया है। यह गाड़ी प्रतापगढ़ स्थित अविनाश के घर से मिली। कार उसके भाई अभिषेक के नाम पर दर्ज है, जो अयोध्या में सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक हैं।

इस कार का रजिस्ट्रेशन 14 दिसंबर 2017 का है. इसे अभिषेक ने नौकरी लगने के बाद ली थी.इससे पहले पुलिस ने अभिषेक से योग केंद्र में पूछताछ की थी, पर उसको छोड़ दिया था. पुलिस अब ये भी जांच कर रही है कि चोरी की रकम से और कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गई थीं? ये बरामदगी पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला से मिली जानकारी के आधार पर की गई है. अविनाश 13 घंटे की पुलिस रिमांड पर है.

बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, आस्था और विश्वास के साथ धोखे की नई स्टोरी सामने आ रही है. सबसे बड़ी बात ट्रस्ट के लेन-देन संबंधित दस्तावेज SIT ने अपने कब्जे में लिए हैं. सवाल है राम मंदिर से जुड़े और कितने राज अभी आने बाकी हैं? SIT एक एंगल से हर दावे की पड़ताल कर रही है.

दूसरी ओर पकड़े गए अभियुक्तों से भी पूछताछ हो रही है. पुलिस ये जांच कर रही है कि चोरी की रकम कहां छिपाई गई है.

हाथ लगा

  • पुलिस सूत्रों की माने तो चढ़ावा चोरी के सबूत मिटाने की कोशिश हुई थी
  • अभियुक्तों ने शातिर चोर की तरह मोबाइल को फॉर्मेट कर सबूत मिटाए थे
  • गिरफ्तारी से पहले ही अभियुक्तों ने फोन फॉर्मेट कर दिए थे
  • यहां तक कि व्हाट्सऐप चैट, फोटो, वीडियो भी डिलीट कर दिए थे
  • पुलिस ने सभी अभियुक्तों के फोन कब्जे में ले लिए हैं.

आरोपी के मोबाइल से डेटा रिकवर करेगी SIT

SIT फॉरेंसिक टीम की मदद से अभियुक्तों के मोबाइल से डेटा रिकवर करेगी. इसकी सहायता से चोरी का पूरा प्रोसेस का पता भी SIT लगाएगी. चुनौती ये पता लगाना भी है कि कैसे चोरी की रकम बाहर निकाली जाती थी. इसके अलावा SIT ये जानकारी जुटाएगी कि किन लोगों के बीच रकम का बंटवारा होता था.

SIT के सामने ये सवाल भी हैं कि नेटवर्क चोरी कैसे करता था, क्या चोरी में कुछ और लोग भी शामिल थे, सबसे बड़ी बात चढ़ावा चोरी का मास्टरमाइंड कौन था, बड़ी मछलियां कौन थीं? अब तक की जांच में रकम बाहर निकालने, बंटवारे के कुछ सबूत मिले हैं. ये भी साफ हो चुका है कि गणना के दौरान अभियुक्त व्हाट्सएप से मैसेज भेजते थे.

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