DESK: मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देशवासियों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है।
इस बार पेट्रोल के दाम में 86 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 83 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। पिछले पांच दिनों में दोनों ईंधनों की कीमतों में करीब 4 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 98 रुपये 64 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 रुपये 58 पैसे प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले पेट्रोल 97 रुपये 77 पैसे और डीजल 90 रुपये 67 पैसे प्रति लीटर बिक रहा था।
सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, सीएनजी उपभोक्ताओं को भी राहत नहीं मिली है। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। अब दिल्ली में सीएनजी पहली बार 80 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है। नोएडा में सीएनजी का दाम 88 रुपये 70 पैसे प्रति किलो हो गया है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, ऑटो और रिक्शा चालकों, साथ ही ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवरों पर पड़ेगा। परिवहन लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। पिछले कई दिनों से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं।
वहीं, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी लगातार कमजोर हो रहा है। रुपया गिरकर 96 रुपये 23 पैसे प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया है। इससे भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर देशों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं और रुपया कमजोर होता गया, तो आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ और बढ़ सकता है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

