भारत ने कहा है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने के लिए ढाका की ओर से भेजे गए अनुरोध की फिलहाल समीक्षा की जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत को बांग्लादेश से प्रत्यर्पण का अनुरोध मिला है और उस पर विचार किया जा रहा है।
बता दें कि है कि 5 अगस्त 2024 को हिंसक छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार सत्ता से हट गई थी। इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं।
यह बयान उन खबरों के बीच आया है, जिनमें दावा किया गया है कि शेख हसीना अपनी पार्टी अवामी लीग को फिर से सक्रिय करने के लिए बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं।
जैसा कि हमने पहले भी कहा है कि अनुरोध की समीक्षा की जा रही है।” उन्होंने कहा, “अनुरोध पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि इसमें कानूनी पहलू शामिल हैं।”पिछले सप्ताह 78 वर्षीय हसीना के करीबी सूत्रों ने बताया था कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वेच्छा से स्वदेश लौटने की योजना बना रही हैं ताकि वह अपनी पार्टी को पुनर्जीवित कर सकें।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नवंबर में ढाका के एक विशेष न्यायालय ने हसीना को उनकी अनुपस्थिति में कथित मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद से ढाका नई दिल्ली से उन्हें प्रत्यर्पित करने का आग्रह कर रहा है।
