पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार चौबे ने भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय और कानून से जुड़ा अहम मुद्दा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में जांच आयोग का गठन किया है और उन्हें विश्वास है कि जांच के बाद पूरे मामले का सच सामने आएगा।
अश्विनी चौबे ने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि भरत तिवारी के साथ अन्याय हुआ है, तो उनके परिवार को उचित मुआवजा और न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा।
चौबे ने कहा कि भरत तिवारी बाढ़ प्रभावित और गरीब परिवारों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाते थे। उन्होंने दावा किया कि भरत तिवारी सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं और खराब पेयजल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से शिकायत करते थे।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि इस मामले में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

