“बीजेपी के शब्दकोश में न तो धर्म बचा है और न ही शर्म” अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना

“बीजेपी के शब्दकोश में न तो धर्म बचा है और न ही शर्म” अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना

अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के लिए “नेशन नहीं, डोनेशन फर्स्ट” है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी हरकतों से भगवान राम भी नहीं बचे। इस बयान के बाद मामले को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरों पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने राम मंदिर जाने का एक नया रिकॉर्ड कायम किया है. उन्होंने जितनी बार वहां का दौरा किया है, उतना शायद ही किसी और ने किया हो, लेकिन हैरानी की बात है कि इतनी कड़ी सुरक्षा और लगातार दौरों के बावजूद वहां करोड़ों रुपये की चोरी हो गई. इसे ही कहते हैं ‘चिराग तले अंधेरा’.

  • सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जहां खुद मुख्यमंत्री इतनी मुस्तैदी से नजर रख रहे हैं, वहां अगर ऐसी चोरी हो सकती है, तो उन तहसीलों, थानों और जिलों का क्या हाल होगा, जहां सीएम नहीं जाते? वहां किस स्तर पर लूट, घसोट और भ्रष्टाचार चल रहा होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है.
  • अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि सुनने में आ रहा है कि इस चंदा चोरी के तार एक खास मठ से जुड़े हुए हैं और सारा पैसा उसी मठ में ट्रांसफर किया गया है. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी बंद करके सुनियोजित तरीके से इस चोरी को अंजाम दिया गया, ताकि किसी को भनक न लगे. इसमें ऊपर से लेकर नीचे तक के अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत है. उन्होंने कहा कि यह सनातन धर्म का घोर अपमान है. सीसीटीवी बंद करके चोरी इसलिए की गई, ताकि राज छुपा रहे, लेकिन भगवान राम ने खुद इस चोरी को पकड़वा दिया है.
  • सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के मंदिर को लेकर आज इतना बड़ा सवाल खड़ा हो गया है और पूरी मीडिया इस पर जवाब मांग रही है. बीजेपी के शब्दकोश में न तो धर्म बचा है और न ही शर्म. इस सरकार में असली संतों को अपमानित किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियों पर सवाल उठाने वालों को डराने के लिए सरकारी एजेंसियों का सहारा लेती है.
  • वहीं, अखिलेश यादव ने लखनऊ में हुए हालिया अग्निकांड का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो इतने मासूम बच्चों की जान नहीं जाती. आग बुझाने पहुंचे फायर ब्रिगेड के जवानों के पास पर्याप्त उपकरण तक नहीं थे और वे निहत्थे लड़ रहे थे, जिसके कारण धुएं से दम घुटने से मौतें हुईं.
  • इसके साथ ही पेपर लीक पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे गरीब परिवार के बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है. स्कूलों में पढ़ाई ठप है और बच्चे कोचिंग के भरोसे हैं, जहां सरकार अपने हिसाब से नियम थोपकर दबाव बना रही है. अब पेपर लीक की चर्चा दबाने के लिए कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की गाज गिराई जा रही है. अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर और आसपास के इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने की कगार पर हैं, जिससे जनता परेशान है.

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