चमोली: बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। मुख्य आरोपी और पूर्व वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल से एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है। अदालत से चार दिन की रिमांड मिलने के बाद मंगलवार को एसआईटी उन्हें बदरीनाथ धाम लेकर पहुंची।
एसआईटी ने बदरीनाथ धाम के प्रोटोकॉल और अन्य कार्यालयों की तलाशी ली। इस दौरान प्रमोद नौटियाल की बंद अलमारियां भी खुलवाई गईं और उनमें रखे दस्तावेज व सामान की जांच की गई। हालांकि, तलाशी में क्या मिला है, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस मामले में प्रमोद नौटियाल के अलावा सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जल्द हो सकती है बरामदगी
चमोली के एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि चोरी गई नकदी और आभूषण जल्द बरामद किए जा सकते हैं।
आरोपित से पूछताछ के साथ मामले में संदिग्ध अन्य कार्मिकों से भी उसका आमना-सामना कराया जाएगा। गणना स्थल, खजाना व प्रोटोकाल कार्यालय समेत अन्य ठिकानों की भी बारीकी से तलाशी ली जा रही है।
वहीं, बीकेटीसी की जांच समिति में शामिल के एक प्रमुख सदस्य को भी एसआइटी ने पूछताछ के लिए बदरीनाथ धाम बुलाया है। यह सदस्य बीकेटीसी में महत्वपूर्ण पद पर तैनात है। बताया गया कि इस अधिकारी से चढ़ावा चोरी मामले में पूछताछ की जानी है।
कमिश्नर के समक्ष पेश होंगे बीकेटीसी के पांच कार्मिक
गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति ने गणना प्रक्रिया में शामिली बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पांच अधिकारियों-कर्मचारियों को पूछताछ के लिए देहरादून बुलाया है।
सूत्रों के अनुसार इन कार्मिकों से बातचीत में कई अहम राज खुल सकते हैं। इससे पहले यह समिति बीकेटीसी की जांच टीम में शामिल चारों सदस्यों से भी पूछताछ कर चुकी है।
बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर आरोपित सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान की पेन्शन रोकने के संबंध में विधिक राय ली जा रही है।

