उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में लखनऊ से दिल्ली आ रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच पर एक पत्थर मारा गया। जानकारी के मुताबिक पत्थर से एक कोच का आउटर शीशा टूट गया लेकिन राहत की बात ये रही कि किसी को चोट नहीं लगी। इसी ट्रेन से RSS प्रमुख मोहन भागवत भी सफर कर रहे थे। इस पथराव में मोहन भागवत बाल-बाल बच गए हैं। पत्थरबाजी के चलते ट्रेन देर से दिल्ली पहुंची। पुलिस ने CCTV के आधार पर दो लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की है, दोनों से पूछताछ की जा रही है।
पत्थरबाजी के चलते खिड़की का शीशा टूटा
यह घटना गुरुवार शाम इटावा टूंडला रेल खंड पर हुई। गाड़ी संख्या 12003 लखनऊ से नई दिल्ली जा रही थी। शाम करीब 7:45 बजे फिरोजाबाद-मक्खनपुर के बीच में ट्रेन के एसी कोच पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर फेंका। पत्थर E1 कोच में सीट संख्या 53-54 के पास लगा जिससे खिड़की का बाहरी शीशा टूट गया। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक आदित्य लागहें, पुलिस अधीक्षक (रेलवे) अनिल झा, पुलिस अधीक्षक (नगर) रवि शंकर प्रसाद और RPF के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
E1 कोच में ही यात्रा कर रहे थे मोहन भागवत
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोहन भागवत इस ट्रेन में कानपुर से यात्रा कर रहे थे और वह E1 कोच में सवार थे। मोहन भागवत कानपुर से दिल्ली एक कार्यक्रम के सिलसिले में जा रहे थे। वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। रेलवे अधिकारियों का भी कहना है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जानकारी सामने आएगी।
घटना के बाद ट्रेन को तुरन्त रोका गया
अचानक हुई इस घटना से कोच में बैठे यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। पत्थर मारने की घटना के बाद ट्रेन को टूंडला से पहले आउटर पर रोका गया। चेकिंग की गई और फिर ट्रेन को दिल्ली रवाना किया गया।

