नई दिल्ली: NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई के लिए नए विधेयक को मंजूरी दे दी है।
सूत्रों के मुताबिक, इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है। प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब देशभर में छात्र पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, संसद में भी विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है।
दरअसल, कैबिनेट बैठक से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार देर रात तीन मिनट का एक वीडियो संदेश जारी कर इस दिशा में बड़े संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा देने वाले कानून के मसौदे पर चर्चा की जाएगी।
- प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है। इससे देश के लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस समस्या से सख्ती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाई जाएगी।
- इससे पहले गुरुवार सुबह भी प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए थे।
अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद सभी की नजर अगले सप्ताह संसद पर रहेगी, जहां इस महत्वपूर्ण विधेयक को पेश किए जाने की संभावना है। वहीं, नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

