पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस जल्द ही मुख्य आरोपी सिया गोयल का पॉलीग्राफ टेस्ट करेगी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस हिरासत के दौरान सिया ने इस टेस्ट के लिए अपनी सहमति दे दी है।
बताया जा रहा है कि पुलिस अब पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए मामले से जुड़े अहम सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेगी। सिया के वकील विपुल दुसिंग ने भी पुष्टि की है कि उनकी मुवक्किल ने कस्टडी के दौरान पुलिस को टेस्ट कराने की अनुमति दे दी है। अब पुलिस आगे की जांच के तहत पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया जल्द शुरू करेगी.
क्या है पॉलीग्राफ जांच ?
पॉलीग्राफ जांच जिसे ‘लाइ डिटेक्टर टेस्ट’ (Lie Detector Test) भी कहा जाता है, घटना से जुड़े सवालों के जवाब देते समय ब्लड प्रेशर, नाड़ी, सांस लेने की गति और पसीना आने जैसी शारीरिक रिस्पॉन्स को मापता है. इस वैज्ञानिक परीक्षण का इस्तेमाल ये पता लगाने के लिए किया जाता है कि कोई व्यक्ति सच बोल रहा है या फिर झूठ.
सिया और चेतन पर केतन की हत्या का आरोप
सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून 2026 को पुणे के लोहागढ़ किले की पहाड़ी से केतन अग्रवाल को धक्का दे दिया, जिसमें उसकी जान चली गई. आरोप है कि दोनों ने पूरी प्लानिंग के तहत इस वारदात को अंजाम दिया. केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी. पुलिस का कहना है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने इसलिए केतन की जान ले ली क्योंकि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी.
सिया गोयल को लोहागढ़ ले गई पुलिस
महाराष्ट्र पुलिस ने गुरुवार (02 जुलाई) को सिया गोयल को लोहागढ़ किले के उस जगह पर ले गई जहां उसने और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर यह साजिश रची थी और किले से धक्का देकर केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने पुणे के मार्केट यार्ड इलाके में स्थित सिया गोयल के घर की तलाशी के दौरान वे कपड़े भी बरामद कर लिए हैं, जिन्हें उसने 18 जून को वारदात के दिन कथित तौर पर पहना था.
इससे पहले पुलिस बुधवार (01 जुलाई) को सह-आरोपी चेतन चौधरी को भी घटनास्थल पर लेकर गई थी, जहां अपराध के घटनाक्रम को समझने के लिए रिक्रिएशन किया गया. पुलिस रविवार (28 जून) को भी सिया गोयल को भी घटनास्थल पर ले गई थी. उस दौरान उसकी मौजूदगी में एक पुतले को खाई में धक्का देकर घटनाक्रम को दोहराया गया था.
