प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाक गणराज्य की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। इस दौरे को भारत और स्लोवाकिया के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत-स्लोवाकिया रिश्तों को नई ऊंचाई देंगे मोदी
सिबी जॉर्ज के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह वहां के प्रमुख उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से भी मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने तथा परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, उभरती टेक्नोलॉजी और रक्षा उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहेगा।
- विदेश मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेन से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के दौरान स्लोवाकिया ने भारत को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया था। इसके अलावा स्लोवाकिया ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को आगे बढ़ाने में भी सकारात्मक भूमिका निभाई है। स्लोवाकिया ने एफटीए के सफल क्रियान्वयन का स्वागत किया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सिबी जॉर्ज ने संकेत दिए कि प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाक नेतृत्व के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात, वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और आपसी हितों से जुड़े मुद्दे वार्ता का हिस्सा बन सकते हैं। भारत का मानना है कि इस यात्रा से न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि यूरोप के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी को भी नई दिशा मिलेगी।

