नेपाल में चीन सीमा से लगे इलाकों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस मुश्किल समय में अमेरिका ने नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नेपाल को जिस भी तरह की मदद की जरूरत होगी, अमेरिका उसे देने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने नेपाल में हुई तबाही को बेहद भयावह बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नेपाल के साथ अच्छे संबंध हैं और अमेरिकी प्रशासन पहले ही नेपाल के नेतृत्व के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि नेपाल को जो भी जरूरत हो, वह अमेरिका से मदद मांग सकता है।
ट्रंप बोले- नेपाल को जो चाहिए, अमेरिका देगा
गुरुवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने नेपाल से संपर्क किया है और हर जरूरी मदद देने की पेशकश की है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ इतनी भयानक थी कि मजबूत और अच्छी तरह बनी इमारतें भी पानी के तेज बहाव में बह गईं। ट्रंप ने बताया कि अमेरिका नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री और अन्य जरूरी सहायता भेज रहा है।
नेपाल में अमेरिकी नागरिकों को लेकर चिंता
बाढ़ के बाद नेपाल में मौजूद अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ट्रंप ने बताया कि प्रभावित इलाके में करीब 50 से 60 अमेरिकी नागरिक मौजूद थे। हालांकि, उस समय सभी लोगों की पूरी जानकारी अमेरिका को नहीं मिल पाई थी।
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि नेपाल में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिक सुरक्षित होंगे।
90 अमेरिकी नागरिकों से संपर्क नहीं
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि नेपाल में बाढ़ के बाद करीब 90 अमेरिकी नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। प्रशासन इन लोगों की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।
विदेश विभाग के मुताबिक, अब तक 3 अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। फिलहाल किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है।
विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि 90 ऐसे अमेरिकी नागरिकों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, जो बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं और जिनसे अभी संपर्क नहीं हो पाया है।
अमेरिका ने 5 लाख डॉलर की मदद का किया ऐलान
इससे पहले अमेरिका ने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता देने का ऐलान किया था। इसके अलावा अमेरिका ने आपदा राहत कार्यों में मदद के लिए एक आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार को नेपाल भेजने की भी घोषणा की है।
अमेरिका ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर नेपाल को और भी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

