दिल्ली प्रोटेस्ट पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 48 घंटे में 10 FIR दर्ज; RAF जवान पर हमले का भी केस

दिल्ली प्रोटेस्ट पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 48 घंटे में 10 FIR दर्ज; RAF जवान पर हमले का भी केस

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले 25 दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है। अब यह आंदोलन और बड़ा हो गया है। 20 जुलाई को CJP ने ‘चलो संसद’ मार्च निकाला था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली के पांच अलग-अलग थानों में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं।इनमें से एक एफआईआर 21 जुलाई की शाम कनॉट प्लेस इलाके में आरएएफ (RAF) के एक जवान पर कथित हमले के मामले में भी दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है।

दिल्ली के इन थानों में दर्ज हुई FIR 

* संसद मार्ग थाना – 4 FIR
* सीपी थाना – 3 FIR
* मंदिर मार्ग थाना – 1 FIR
* बाराखंभा रोड थाना – 1 FIR
* कर्तव्य पथ थाना – 1 FIR

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हुई विभिन्न घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में ये FIR दर्ज की गई हैं. मामलों की जांच जारी है.

दिल्ली के बाराखंभा थाने में भी दर्ज FIR

CJP प्रोटेस्ट के दौरान दिल्ली के बराखम्भा थाने में भी FIR दर्ज की गई है. प्रोटेस्ट के दौरान नई दिल्ली के 5 थानों में FIR दर्ज हुई है, जिसमें क्नॉट प्लेस थाना, संसद मार्ग थाना, कर्तव्य पथ थाना, बराखम्भा थाना, मंदिर मार्ग थाना शामिल हैं. 

बाराखंभा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई FIR में ये धाराएं शामिल की गई हैं-

धारा 223 BNS – लोक सेवक को उसके वैध कर्तव्य के निर्वहन से रोकना या बाधा पहुंचाना

धारा 221 BNS – सरकारी आदेश की अवज्ञा करना

धारा 132 BNS – लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

धारा 121(1) एवं 121(2) BNS – गैर-कानूनी जमावड़ा के दौरान लोक सेवकों को चोट पहुंचाना

धारा 189(3) BNS – अगर कोई व्यक्ति किसी गैरकानूनी सभा में शामिल होता है. यह पता होते हुए भी की वो जिस सभा में शामिल है वो गैरकानूनी है, लेकिन फिर भी उसका सदस्य बना रहता है. ऐसे व्यक्ति पर धारा 189(3) के तहत कार्यवाही की जाती है.

धारा 190 BNS – यदि किसी गैरकानूनी सभा (अवैध भीड़) के किसी भी सदस्य द्वारा उस सभा के सामान्य उद्देश्य को पूरा करने के लिए कोई अपराध किया जाता है, तो उस भीड़ में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को उस अपराध का दोषी माना जाएगा

धारा 191(2) BNS – घातक हथियार या खतरनाक साधन से लैस होकर दंगा करना

धारा 192 BNS – जानबूझकर दंगे के लिए उकसाना

धारा 195(1) BNS – लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन में बाधा पहुंचाने या उस पर बल प्रयोग से संबंधित अपराध

धारा 109 BNS – हत्या के प्रयास (Attempt to Murder).

धारा 324(5) BNS – सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित गंभीर अपराध

सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम (PDPP Act), धारा 3 – सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना

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