रांची(RANCHI): Jharkhand में गुरुवार का दिन नक्सल विरोधी अभियान के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री के नक्सलवाद खत्म करने के अल्टीमेटम के करीब दो महीने बाद अब झारखंड नक्सल मुक्त होने की दिशा में बड़ी सफलता की ओर बढ़ता दिख रहा है।
Saranda जंगल में सक्रिय एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते से जुड़े करीब दो दर्जन नक्सली आज Ranchi में आत्मसमर्पण करेंगे।
बताया जा रहा है कि इनमें कई महिला और हार्डकोर नक्सली भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और बढ़ती दबिश के बाद नक्सलियों ने जंगल छोड़ दिया है।
सारंडा इलाके में कभी 45 से 50 नक्सलियों की मौजूदगी बताई जाती थी, लेकिन अब उनकी संख्या आधी के आसपास रह गई है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने एलएमजी, राइफल समेत लगभग एक दर्जन हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपे हैं।
इनमें कई नक्सलियों पर एक लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था।
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को Ranchi स्थित पुलिस मुख्यालय में सभी नक्सली विधिवत सरेंडर करेंगे।
इस दौरान डीजीपी समेत कोल्हान क्षेत्र के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को अब सामान्य जेल की जगह Hazaribagh की ओपन जेल में रखा जाएगा।
यहां उन्हें परिवार के साथ रहने और कौशल विकास योजनाओं से जुड़ने की सुविधा मिलेगी, ताकि मुख्यधारा में वापसी के बाद उन्हें रोजगार मिल सके।
झारखंड पुलिस की नई सरेंडर पॉलिसी को नक्सल उन्मूलन अभियान में बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।
NEWSANP के लिए रांची से ब्यूरो रिपोर्ट

