एअर इंडिया ने पायलट से जुड़े हालिया मामले के बाद अपने सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया है। इस जांच में प्रतिबंधित पदार्थों और कुछ दवाओं के सेवन की जांच की जाएगी।
कंपनी के मुताबिक, पायलटों की ट्रेनिंग और उड़ान के बाद भी स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए गुरुग्राम ट्रेनिंग अकादमी, फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर और अलग-अलग बेस लोकेशन पर जांच की व्यवस्था की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए लिया फैसला
एअर इंडिया का कहना है कि वह पहले से ही DGCA के नियमों का पालन करती है। लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन पर भरोसा बनाए रखने के लिए कंपनी ने अब नियमों से आगे बढ़कर सभी पायलटों की स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया है।
दिल्ली-फुकेट फ्लाइट के बाद बढ़ी चिंता
यह फैसला 4 अगस्त की दिल्ली-फुकेट फ्लाइट AI2379 से जुड़ी घटना के बाद लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, फुकेट से दिल्ली लौटते समय विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था। इसी दौरान मुख्य पायलट के कॉकपिट के फर्श पर पड़े होने की बात सामने आई थी।
इस घटना में 15 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।
पायलट पर गांजा पीने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, एक क्रू मेंबर ने पायलट पर गांजा पीने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। बताया गया कि सीट से जुड़े प्रोटोकॉल को लेकर पायलट और एक केबिन क्रू सदस्य के बीच बहस भी हुई थी।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उड़ान के दौरान पायलट की स्थिति क्या थी और विमान अचानक नीचे आने की वजह क्या रही।
11 अगस्त को एअर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नागर विमानन मंत्रालय के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी।

