मानसून सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि इस बार संसद में सरकार कई मुद्दों पर चर्चा से बचती नजर आई।
कई मुद्दों पर सरकार को घेरा
गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष ने सत्र शुरू होने से पहले ही सरकार के सामने कई मुद्दे रखे थे। इनमें NEET परीक्षा में गड़बड़ी, राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे से जुड़े आरोप, इथेनॉल में मिलावट, विदेश नीति और चीन से जुड़ी चिंताएं शामिल थीं।
उन्होंने बीजेपी शासित राज्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों के साथ-साथ सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जनता के पैसे के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
‘विपक्ष बिलों का विरोध नहीं कर रहा था’
गोगोई ने कहा कि विपक्ष ने शुरुआत से साफ कर दिया था कि वह सरकार के विधेयकों पर सकारात्मक तरीके से चर्चा करेगा, लेकिन विपक्ष के मुद्दों पर भी बहस होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने करीब 21 दिनों के दौरान अपने कई विधेयक पारित करा लिए, लेकिन विपक्ष की मांगों पर चर्चा नहीं की।
छात्र आंदोलन का भी किया जिक्र
गौरव गोगोई ने जंतर-मंतर और देशभर में हुए छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि इन प्रदर्शनों के दबाव में सरकार को शिक्षा से जुड़े कदम उठाने पड़े।
हंगामे के बीच खत्म हुआ मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र गुरुवार को खत्म हो गया। पूरे सत्र में विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाता रहा। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज की जवाबदेही की मांग भी लगातार उठाई।

