रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा उत्पादन लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि 2026 में देश का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
राजनाथ सिंह के मुताबिक, करीब 8-9 साल पहले यह आंकड़ा सिर्फ 46,000 करोड़ रुपये के आसपास था। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सफलता को दिखाती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद, मेड इन इंडिया डिफेंस प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा मजबूत हुआ है। वहीं रक्षा निर्यात (Defence Export) के मामले में भारत ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2013-14 में जो निर्यात सिर्फ 686 करोड़ रुपये था, वह अब 57 गुना बढ़कर 38,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। सिंह ने अनुमान जताया कि यह आंकड़ा जल्द ही 40,000 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाएगा।
रक्षा मंत्री के मुताबिक, ‘मेड-इन-इंडिया’ रक्षा उपकरणों पर दुनिया का यह भरोसा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद और ज्यादा मजबूत हुआ है। मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने एक निर्णायक सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन सिंदूर) की थी।
रक्षा मंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आगाह किया कि एआई डेटा का विश्लेषण तो कर सकती है, लेकिन वह लोगों की नब्ज और मानवीय संवेदनाओं को नहीं समझ सकती। पत्रकारिता के क्षेत्र में इसके बढ़ते प्रभाव पर उन्होंने कहा कि एआई खबरों को तेज और सटीक जरूर बना सकती है, लेकिन विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मानवीय सहानुभूति और भावनात्मक समझ ही सबसे जरूरी रहेगी।

