आजकल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगभग हर तरह का सामान मिल जाता है। लेकिन एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट की बिक्री का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। अमोनियम नाइट्रेट एक नियंत्रित रसायन है, जिसका इस्तेमाल कई औद्योगिक कामों के साथ-साथ विस्फोटक बनाने में भी किया जा सकता है।
इस मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ऑनलाइन B2B प्लेटफॉर्म Dial4Trade पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
बिना जरूरी लाइसेंस के हो रही थी लिस्टिंग
CCPA की जांच में सामने आया कि Dial4Trade पर अमोनियम नाइट्रेट की लिस्टिंग मौजूद थी। लेकिन विक्रेता का जरूरी PESO लाइसेंस नंबर लिस्टिंग में नहीं दिया गया था।
इसके अलावा खरीदार के लाइसेंस और पहचान की जांच करने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। लेनदेन का रिकॉर्ड रखने को लेकर भी जरूरी सिस्टम नहीं पाया गया।
खतरनाक केमिकल को सामान्य प्रोडक्ट की तरह दिखाया
CCPA के मुताबिक, अमोनियम नाइट्रेट की लिस्टिंग में धमाके और ब्लास्ट से जुड़ी तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था। प्राधिकरण ने माना कि इस तरह नियंत्रित और खतरनाक केमिकल को सामान्य सामान की तरह पेश किया गया।
लिस्टिंग में यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी कि अमोनियम नाइट्रेट खरीदने और बेचने के लिए किन नियमों और लाइसेंस की जरूरत होती है।
CCPA ने इसे भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार माना।
Dial4Trade की दलील नहीं मानी गई
Dial4Trade ने अपनी सफाई में कहा कि वह केवल एक B2B मार्केटप्लेस है और विक्रेताओं की ओर से डाली गई लिस्टिंग के लिए सीधे जिम्मेदार नहीं है।
हालांकि, CCPA ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। प्राधिकरण के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर एक यूनिट तक सामान खरीदने का विकल्प था और यह जांचने की व्यवस्था भी नहीं थी कि खरीदार वास्तव में कोई कारोबारी या संस्था है या नहीं।
इसलिए केवल खुद को B2B प्लेटफॉर्म बताने से कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
शिकायत के बाद लिस्टिंग हटाना पर्याप्त नहीं
कंपनी ने IT Act की सेफ हार्बर सुरक्षा का भी हवाला दिया था। CCPA ने कहा कि खतरनाक और नियंत्रित सामान के मामले में सिर्फ शिकायत मिलने के बाद लिस्टिंग हटाना पर्याप्त नहीं है।
प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना होगा कि लिस्टिंग लाइव होने से पहले ही जरूरी जांच और नियमों का पालन हो।
दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी जांच के घेरे में
CCPA अब दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी खतरनाक और नियंत्रित केमिकल की बिक्री की जांच कर रहा है। जांच में इंडियामार्ट, जस्टडायल, सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया, एक्सपोर्टर्स इंडिया, आईबायकेमिकल्स, अल्फा केमिका और ट्रेडइंडिया जैसे प्लेटफॉर्म के नाम भी सामने आए हैं।
CCPA का कहना है कि ऑनलाइन खरीदार किसी प्रोडक्ट की लिस्टिंग और उसमें दी गई जानकारी पर भरोसा करते हैं। ऐसे में नियंत्रित और खतरनाक सामान की बिक्री या लिस्टिंग होने पर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की भी जिम्मेदारी तय होती है।

