असम में बाढ़ का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। बुधवार को बाढ़ से तीन और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद राज्य में इस आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शिवसागर जिले में दो और गोलाघाट जिले में एक व्यक्ति की बाढ़ के कारण मौत हुई है। फिलहाल राज्य के सात जिले अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब तीन लाख लोग इस आपदा की चपेट में हैं।
इस बीच, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों को आशंका है कि लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सात जिले अब भी बाढ़ की चपेट में
फिलहाल शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, बिस्वनाथ और कामरूप (मेट्रो) जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. इन जिलों के कुल 551 गांव पानी से घिरे हुए हैं. राज्य में कुल 3,00,031 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. सबसे अधिक असर चराइदेव जिले में है, जहां 1,37,561 लोग प्रभावित हैं. इसके अलावा शिवसागर में 84,600 और जोरहाट में 49,911 लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं. एक दिन पहले मंगलवार को छह जिलों में 3.32 लाख लोग प्रभावित थे.
71 राहत शिविरों में हजारों लोगों ने ली शरण
बाढ़ के कारण विस्थापित हुए 16,500 से अधिक लोगों ने 71 राहत शिविरों में शरण ली है. वहीं, 30 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से 72 हजार से ज्यादा लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. प्रभावित इलाकों में डॉक्टरों, पशु चिकित्सकों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं.
बाढ़ का असर खेती और पशुधन पर भी पड़ा है. राज्य में 21,523.08 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है. वहीं 11 हजार से अधिक मवेशी बह गए, जबकि 17 हजार अन्य पशु प्रभावित हुए हैं. ASDMA के अनुसार, कई स्थानों पर तटबंध, सड़कें, मकान, स्कूल और अन्य सार्वजनिक ढांचे भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं.
1 अगस्त से भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इसका असर विशेष रूप से तिनसुकिया, धेमाजी और लखीमपुर जिलों में देखने को मिल सकता है. तिनसुकिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है. वहीं नगालैंड के मोन, मोकोकचुंग और वोखा जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका असर असम के चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों पर भी पड़ सकता है.

