अमेरिका-ईरान शांति समझौते का असर, भारत पहुंचा LNG टैंकर ‘दिशा’; ऊर्जा क्षेत्र को मिली बड़ी राहत

अमेरिका-ईरान शांति समझौते का असर, भारत पहुंचा LNG टैंकर ‘दिशा’; ऊर्जा क्षेत्र को मिली बड़ी राहत

अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ ने गुरुवार को सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार कर लिया। इसके बाद शुक्रवार को यह सुरक्षित रूप से गुजरात के भरूच स्थित दहेज बंदरगाह पहुंच गया। टैंकर के सुरक्षित आगमन से भारत की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कमी आई है और इसे ऊर्जा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

ईरान-अमेरिका शांति समझौते के बाद भारत आने वाला यह पहला लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) जहाज है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत पहुंचा है। हजारों टन एलनजी भारत आने से पिछले साढ़े तीन महीनों से समुद्र में जहाजों के फंसे होने के कारण पैदा हुआ ऊर्जा संकट अब समाप्त हो जाएगा।

दहेज पोर्ट पर एलएनजी लगे शिप का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। LNG टैंकर ‘दिशा 62,370 मीट्रिक टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर आया है। इससे भारतीय ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिलेगी।

बहुत वक्त से फंसा हुआ था यह जहाज

बता दें कि 2 मार्च से कतर के रास लाफान पोर्ट पर 62,370 मीट्रिक टन LNG से लदा यह शिप फंसा हुआ था। होर्मुज में लगी ईरानी पाबंदी के बाद हालात इतने खराब हो गए कि यह जहाज कब भारत पहुंचेगा, इसका पता नहीं था। लेकिन ईरान-अमेरिका के बीच हुए पीस डील के बाद यह जहाज 15 जून को होर्मुज के रास्ते आगे बढ़ा और आज सुरक्षित भारत पहुंच गया।

गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण यह जहाज करीब साढ़े तीन महीने तक फंसा रहा। अमेरिका-ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाला यह पहला LNG जहाज है।

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