वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सोमवार को एक नया 24/7 स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ‘ट्रंप टीवी: द एसेंशियल्स स्टेशन’ लॉन्च किया। व्हाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की गई। प्रशासन के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर ट्रंप के भाषण, प्रशासन की घोषणाएं, प्रमुख कार्यक्रम और अन्य महत्वपूर्ण वीडियो एक ही जगह उपलब्ध होंगे।
यह लॉन्च ऐसे समय हुआ है, जब ट्रंप प्रशासन और प्रमुख अमेरिकी समाचार संस्थानों के बीच व्हाइट हाउस में प्रेस की पहुंच को लेकर विवाद बढ़ा हुआ है।
24 घंटे चलेगा ट्रंप टीवी
व्हाइट हाउस की ओर से बताया गया कि ट्रंप टीवी 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन स्ट्रीम होगा। प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रपति के पुराने सार्वजनिक कार्यक्रमों, महत्वपूर्ण भाषणों और प्रशासन से जुड़े वीडियो के साथ नए अपडेट भी दिखाए जाने की बात कही गई है।
शुरुआती प्रसारण में ट्रंप के पुराने कार्यक्रमों और भाषणों के फुटेज दिखाए गए। इनमें 2025 में अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में उनके शपथ ग्रहण समारोह से जुड़े दृश्य भी शामिल थे।
हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि प्लेटफॉर्म पर सभी मौजूदा घटनाओं का लाइव कवरेज होगा या मुख्य रूप से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और प्रशासनिक सामग्री प्रसारित की जाएगी।
CNN, Politico और MS NOW से विवाद के बीच लॉन्च
ट्रंप टीवी की शुरुआत व्हाइट हाउस और तीन प्रमुख मीडिया संस्थानों CNN, Politico और MS NOW के बीच चल रहे विवाद के बीच हुई है।
ट्रंप प्रशासन ने इन संस्थानों के पत्रकारों की व्हाइट हाउस तक पहुंच पर रोक लगाई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इन मीडिया संगठनों पर पक्षपातपूर्ण और कथित ‘फेक न्यूज’ रिपोर्टिंग का आरोप लगाया है।
इसके बाद CNN, MS NOW और Politico ने प्रशासन के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। तीनों संस्थानों का तर्क है कि सरकार पत्रकारों की रिपोर्टिंग या संपादकीय दृष्टिकोण के आधार पर उनकी पहुंच प्रतिबंधित नहीं कर सकती।
ट्रंप ने मीडिया प्रतिबंधों का किया बचाव
ट्रंप ने सोमवार को मीडिया संस्थानों पर लगाए गए प्रतिबंधों का बचाव किया। न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि समाचार संगठनों की जिम्मेदारी निष्पक्ष रिपोर्टिंग करना है।
राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थान उनके प्रशासन के बारे में गलत खबरें प्रकाशित करते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे संगठनों को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
व्हाइट हाउस ने भी अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि अमेरिकी संविधान का पहला संशोधन मीडिया को खबरें प्रकाशित करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन किसी विशेष समाचार संगठन को व्हाइट हाउस, ब्रीफिंग रूम या राष्ट्रपति के प्रेस पूल तक पहुंच की गारंटी नहीं देता।
मीडिया संस्थानों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया
CNN, MS NOW और Politico ने अपने संयुक्त कानूनी कदम में दावा किया है कि प्रशासन का फैसला प्रेस की स्वतंत्रता और उचित प्रक्रिया से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।
मीडिया संस्थानों का कहना है कि सरकार को किसी पत्रकार या संगठन की पहुंच उसकी रिपोर्टिंग के आधार पर तय नहीं करनी चाहिए। मामले में अदालत से व्हाइट हाउस की रोक हटाने की मांग की गई है।
इस विवाद का असर राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के साझा टेलीविजन कवरेज पर भी पड़ा है। कई प्रमुख समाचार संस्थानों ने CNN को प्रेस पूल से हटाए जाने के विरोध में राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की साझा वीडियो कवरेज रोकने का फैसला किया।
ट्रंप टीवी से प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचने का माध्यम
ट्रंप टीवी के जरिए व्हाइट हाउस अब राष्ट्रपति और प्रशासन से जुड़ी सामग्री सीधे दर्शकों तक पहुंचा सकेगा। प्लेटफॉर्म पर प्रशासन की घोषणाओं, ट्रंप के सार्वजनिक संबोधनों और पुराने महत्वपूर्ण पलों को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
इस पहल को पारंपरिक मीडिया संस्थानों के साथ बढ़ते टकराव के बीच प्रशासन के सीधे संचार माध्यम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस प्लेटफॉर्म की भविष्य की भूमिका और नियमित लाइव कवरेज का स्वरूप आने वाले समय में और स्पष्ट होगा।

