IIT (ISM) धनबाद के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0’ के तहत चलाए जा रहे ‘असिस्टेंट माइन सर्वेयर स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के प्रतिभागियों के लिए सोमवार को CSIR-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (CIMFR), धनबाद का एक टेक्निकल दौरा आयोजित किया गया। इस एजुकेशनल और इंडस्ट्रियल दौरे का मकसद ट्रेनीज़ को माइनिंग सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक टेक्नोलॉजी और रिसर्च गतिविधियों से परिचित कराना था।
यह स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (MSDE) और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के सहयोग से चलाया जा रहा है। इस प्रोग्राम का मुख्य मकसद युवाओं को इंडस्ट्री की ज़रूरतों के हिसाब से टेक्निकल कुशलता से लैस करना और माइनिंग सेक्टर में उनके रोज़गार के मौकों को बढ़ाना है। इस टेक्निकल दौरे में लगभग 70 ट्रेनीज़ ने हिस्सा लिया।
दौरे के दौरान, प्रतिभागियों को CIMFR की अत्याधुनिक लैबोरेटरी, रिसर्च सुविधाओं और नए टेक्निकल उपकरणों का दौरा कराया गया। ट्रेनीज़ ने एडवांस्ड माइनिंग तकनीकों, माइन सर्वेइंग, जियोस्पेशियल एप्लीकेशन, माइन सुरक्षा उपायों, पर्यावरण मॉनिटरिंग सिस्टम और सस्टेनेबल माइनिंग से जुड़ी रिसर्च गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की।
CIMFR के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने ट्रेनीज़ के साथ बातचीत की और कई आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि संस्थान माइनिंग ऑपरेशन्स को सुरक्षित, ज़्यादा प्रोडक्टिव और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार रिसर्च और इनोवेशन में लगा हुआ है। प्रतिभागियों ने लैबोरेटरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और रिसर्च प्रक्रियाओं को करीब से देखा और उनसे जुड़े टेक्निकल पहलुओं को समझा।
इस मौके ने ट्रेनीज़ को क्लासरूम में हासिल की गई थ्योरेटिकल जानकारी को असल हालात में देखने और समझने का मौका दिया। विशेषज्ञों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आधुनिक माइनिंग इंडस्ट्री में टेक्निकल कुशलता, सुरक्षा मानकों का पालन और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।
प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि स्टूडेंट्स और ट्रेनीज़ के लिए इंडस्ट्री और रिसर्च संस्थानों से सीधा संपर्क बहुत ज़रूरी है, क्योंकि इससे उन्हें असल वर्कप्लेस की चुनौतियों और ज़रूरतों को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे टेक्निकल दौरे न केवल प्रतिभागियों की प्रैक्टिकल जानकारी को मज़बूत करते हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और प्रोफेशनल स्किल्स को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि IIT (ISM) धनबाद का असिस्टेंट माइन सर्वेयर स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम युवाओं को अच्छी क्वालिटी की टेक्निकल ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल के ज़रिए माइनिंग इंडस्ट्री की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। ये लोग देश के माइनिंग सेक्टर के भविष्य के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
यह टेक्निकल विज़िट ट्रेनीज़ के लिए सीखने का एक बड़ा मौका साबित हुई, जिससे उन्हें माइनिंग की आधुनिक तकनीकों और रिसर्च गतिविधियों की गहरी समझ मिली।

