केंद्र सरकार ने सरकारी गाड़ियों के गलत इस्तेमाल को रोकने और सरकारी खर्च कम करने के लिए नई नीति लागू की है। अब सभी मंत्रालयों और विभागों में ‘एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी’ का नियम लागू होगा।
इस संबंध में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने नया कार्यालय ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम) जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत अगर किसी अधिकारी को पहले से सरकारी गाड़ी मिली हुई है, तो उसे अतिरिक्त जिम्मेदारी या किसी दूसरे पद का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर भी दूसरी सरकारी गाड़ी नहीं दी जाएगी।
हर अधिकारी को केवल एक ही आधिकारिक वाहन मिलेगा
सरकार ने साफ किया है कि हर अधिकारी को केवल एक ही आधिकारिक वाहन मिलेगा। अतिरिक्त पदभार संभालने के बावजूद अलग से दूसरी गाड़ी की सुविधा नहीं दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से सरकारी गाड़ियों का दुरुपयोग रुकेगा, अनावश्यक खर्च में कमी आएगी और सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। सभी मंत्रालयों और विभागों को इस नई नीति का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

