मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA ने विज्ञापन को लेकर तीनों अभिनेताओं से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
प्रशासन के अनुसार, विज्ञापन प्रथम दृष्टया प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार यानी सरोगेट एडवरटाइजिंग के दायरे में आता है। FDA का कहना है कि इस तरह के विज्ञापनों से जनता और विशेष रूप से युवाओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
विज्ञापन को लेकर FDA ने जताई आपत्ति
महाराष्ट्र FDA के अनुसार, ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन की सामग्री और उसके प्रचार के तरीके को लेकर सवाल उठाए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि ऐसे विज्ञापनों के माध्यम से प्रतिबंधित तंबाकू या पान मसाला उत्पादों का अप्रत्यक्ष प्रचार किए जाने की आशंका रहती है।
इसी आधार पर FDA ने मामले में संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई की है।
15 दिनों में देना होगा जवाब
जानकारी के अनुसार, FDA की ओर से 11 अगस्त को नोटिस जारी किया गया। नोटिस में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
अब तीनों अभिनेताओं के जवाब के आधार पर प्रशासन मामले में आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है।
सोशल मीडिया से सामग्री हटाने का निर्देश
FDA ने विज्ञापन से संबंधित प्रचार सामग्री को तत्काल रोकने का निर्देश भी दिया है। इसके साथ ही तीनों अभिनेताओं से अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से विज्ञापन से जुड़ी सामग्री हटाने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से यह कदम विज्ञापन के संभावित अप्रत्यक्ष प्रचार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरोगेट एडवरटाइजिंग पर फिर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद सेलिब्रिटी विज्ञापनों में सरोगेट एडवरटाइजिंग को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे विज्ञापनों में किसी अन्य उत्पाद के नाम या ब्रांड पहचान के माध्यम से ऐसे उत्पादों का प्रचार किए जाने की आशंका होती है, जिनके विज्ञापन पर प्रतिबंध या सीमाएं लागू हैं।
फिलहाल FDA के नोटिस पर तीनों अभिनेताओं के जवाब का इंतजार है। इसके बाद मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई स्पष्ट होगी।

