लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए सरकार एक बड़ी योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है। उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब एक करोड़ महिलाओं को कुल 1 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त क्रेडिट दिया जा सकता है।
हालांकि, शुरुआत में महिलाओं को 20 हजार रुपये की पहली किस्त मिलेगी। अगर वे इस राशि का समय पर भुगतान करती हैं, तो आगे दो चरणों में उन्हें कुल 80 हजार रुपये तक का अतिरिक्त क्रेडिट दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को योजना का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इसे विधानसभा चुनाव से पहले लॉन्च करने की तैयारी में है।
तीन चरणों में मिलेगा क्रेडिट
योजना के तहत महिलाओं को तीन चरणों में पैसा दिया जाएगा।
- पहला चरण: 20 हजार रुपये
- दूसरा चरण: 30 हजार रुपये
- तीसरा चरण: 50 हजार रुपये
पहली और दूसरी किस्त का समय पर भुगतान करने पर ही अगली किस्त का लाभ मिलेगा। इस तरह महिला को कुल 1 लाख रुपये तक का क्रेडिट मिल सकेगा।
महिलाओं को मिलेगा विशेष क्रेडिट कार्ड
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना की घोषणा की थी। बुधवार को योजना भवन में ग्राम्य विकास विभाग की बैठक में उपमुख्यमंत्री ने योजना की तैयारियों की समीक्षा की।
योजना के तहत महिलाओं को विशेष क्रेडिट कार्ड देने की तैयारी है। इस राशि का इस्तेमाल महिलाएं अपना छोटा कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे व्यवसाय को बढ़ाने के लिए कर सकेंगी।
डिजिटल सुविधाओं से जोड़ी जाएंगी महिलाएं
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को पहचान पत्र भी दिए जाएं। इन कार्डों में QR कोड जैसी डिजिटल सुविधाएं शामिल करने की बात कही गई है।
महिलाओं को डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बिक्री, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक तरीके से कारोबार चलाने की ट्रेनिंग से भी जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा, ई-रिक्शा योजना के तहत 2 लाख रुपये तक की कीमत वाले वाहनों की खरीद पर विचार करने और प्रदेश में 100 महिला शक्ति केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एचसीएल फाउंडेशन के साथ साझेदारी पर चर्चा
बैठक में एचसीएल फाउंडेशन के साथ चल रही ‘समुदाय साझेदारी’ को वर्ष 2031 तक बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय और मिशन निदेशक अरुण कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

