पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी वाली सरकार चली गई। ममता बनर्जी के 15 साल बंगाल में शासन करने के बाद अब बंगाल में भाजपा की सरकार है। फाइनेंशियल ईयर 2024-2025 की चौंकाने वाली ऑडिट रिपोर्ट सामने आई है।
31 मार्च, 2025 तक की है ये रिपोर्ट
इस रिपोर्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस के पास कितना पैसा है। फाइनेंशियल ईयर 2024-2025 की ऑडिट एसेट रिपोर्ट 31 मार्च, 2025 तक की है। इसमें मार्च 2026 के बाद का आंकड़ा नहीं हैं। इसी साल बंगाल में विधानसभा के चुनाव हुए और ममता को हार का भी सामना करना पड़ा।
बैंकों में कुल पैसा: तृणमूल के बैंक अकाउंट में कुल 6,25,79,87,264 रुपये (625 करोड़ 79 लाख 87 हजार 264 रुपये) हैं।
बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट: तृणमूल के बैंकों में कुल 2,50,77,28,322 रुपये (250 करोड़ 77 लाख 28 हजार 322 रुपये) फिक्स्ड डिपॉजिट हैं। बैंक बैलेंस मिलाकर, तृणमूल के बैंकों में कुल 8,76,57,15,586 रुपये (876 करोड़ 57 लाख 15 हजार 586 रुपये) हैं।
चेक कितने का है: ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल के घर में 50,00,00,000 (50 करोड़) और कैश होने का ज़िक्र है। इसके साथ ही पार्टी के सेंट्रल और रीजनल ऑफिस में कुल मिलाकर 31,28,028 (31 लाख 28 हज़ार 28 रुपए) कैश है।
1998 में हुई TMC की स्थापना
बता दें कि All India Trinamool Congress (तृणमूल कांग्रेस) की स्थापना 1 जनवरी 1998 को हुई थी। टीएमसी की संस्थापक ममता बनर्जी हैं। वह बंगाल में तीन बार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। कांग्रेस से अलग होकर ममता ने अपनी नई पार्टी बनाई थी। इसका नाम तृणमूल कांग्रेस (TMC) रखा।
2011 में ममता बनर्जी पहली बार बनीं सीएम
तृणमूल कांग्रेस ने कम पश्चिम बंगाल की राजनीति में तेजी से अपनी पहचान बनाई। साल 2011 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने वाम मोर्चा सरकार को हरा कर सत्ता हासिल की। साल 2011 में ममता बनर्जी राज्य की पहली बार मुख्यमंत्री बनीं। 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता की टीएमसी पार्टी चुनाव हार गई है। अब वह विपक्ष का चेहरा है। इसके साथ ही टीएमसी अब संकट का सामना कर रही है। टीएमसी के कई सांसद और विधायक टूट कर बागी हो गए हैं। ममता की टीएमसी पार्टी भी टूट की कगार पर है।

