जनशक्ति जनता दल से जुड़े तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया है कि उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि फोन करने वाले व्यक्ति ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उन्हें ब्लैकमेल करने और पैसे मांगने की कोशिश की।
तेजप्रताप यादव के अनुसार, यह फोन दोपहर करीब 3:11 बजे उनके मोबाइल पर आया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में फोन करने वाले की पहचान को लेकर भी जानकारी साझा की है। उनके मुताबिक, कॉल करने वाले ने खुद को एक मीडिया हाउस से जुड़ा हुआ बताया।
इसके बाद कथित तौर पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। तेजप्रताप यादव ने आरोप लगाया कि वीडियो वायरल करने की बात कहकर उन्हें डराने और पैसे की मांग करने का प्रयास किया गया।
पार्टी से जुड़े अन्य लोगों को भी फोन करने का आरोप
तेजप्रताप यादव ने दावा किया कि मामला केवल उनके तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, फोन करने वाला व्यक्ति जनशक्ति जनता दल से जुड़े कई अन्य लोगों को भी फोन कर परेशान कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी से जुड़े लोगों को धमकियां दी जा रही हैं और वीडियो वायरल करने की बात कहकर पैसे मांगे जा रहे हैं। तेजप्रताप यादव ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस तरह की कथित गतिविधियों से पार्टी से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा होती है।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक की और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
सरकार और प्रशासन से जांच की मांग
तेजप्रताप यादव ने सरकार और प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित मोबाइल नंबर की जांच कर फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने अपने साथ-साथ जनशक्ति जनता दल से जुड़े अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।
फिलहाल, तेजप्रताप यादव की ओर से लगाए गए इन आरोपों के संबंध में जांच और प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।
धमकी और ब्लैकमेलिंग पर कार्रवाई की मांग
तेजप्रताप यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में कहा कि धमकी, ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी व्यक्ति की पहचान करने और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

