नई दिल्ली। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन ग्राहकों के लिए बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) प्रोग्राम का विस्तार पूरे EV पोर्टफोलियो तक कर दिया है। पहले यह सुविधा केवल Tiago.ev और Punch.ev तक सीमित थी, लेकिन अब इसे Nexon.ev, Curvv.ev, Sierra.ev और Harrier.ev तक बढ़ा दिया गया है।
BaaS मॉडल में वाहन की कीमत और बैटरी की लागत को अलग किया जाता है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती खरीद कीमत को कम करना है, जबकि बैटरी की लागत का भुगतान अलग मासिक किस्त के जरिए किया जाता है।
Tata EVs की शुरुआती कीमतें अब कितनी हैं?
बैटरी की कीमत को वाहन की मूल कीमत से अलग करने के बाद टाटा की इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआती इंट्रोडक्टरी कीमतें इस प्रकार बताई गई हैं:
- Tata Tiago.ev: ₹4.69 लाख से
- Tata Punch.ev: ₹6.59 लाख से
- Tata Nexon.ev: ₹8.99 लाख से
- Tata Curvv.ev: ₹10.99 लाख से
- Tata Sierra.ev: ₹11.99 लाख से
- Tata Harrier.ev: ₹14.49 लाख से
इस मॉडल में ग्राहकों को कार की शुरुआती खरीद लागत कम दिखाई देती है, लेकिन बैटरी के लिए अलग भुगतान करना होता है। इसलिए कार की कुल ओनरशिप लागत समझने के लिए वाहन की कीमत के साथ बैटरी भुगतान को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा।
BaaS में बैटरी की EMI कैसे काम करेगी?
BaaS व्यवस्था के तहत वाहन और बैटरी के लिए अलग-अलग लोन अकाउंट और अलग अवधि की वित्तीय व्यवस्था हो सकती है। ग्राहक कम शुरुआती कीमत पर वाहन खरीदता है, जबकि बैटरी की लागत अलग मासिक किस्त के माध्यम से चुकाई जाती है।
बैटरी EMI कई कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें बैटरी पैक की क्षमता, डाउन पेमेंट और लोन की अवधि जैसे तत्व शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, बैटरी फीस में चार्जिंग, मेंटेनेंस और वाहन की मरम्मत का खर्च शामिल नहीं होगा। यानी इन खर्चों का भुगतान ग्राहक को अलग से करना होगा।
हर मॉडल के लिए अलग होगा प्रति किलोमीटर BaaS खर्च
टाटा मोटर्स ने अलग-अलग EV मॉडल के लिए रोजाना की अनुमानित रनिंग के आधार पर प्रति किलोमीटर BaaS लागत भी बताई है।
Tiago.ev और Punch.ev के लिए यह लागत ₹2.6 प्रति किलोमीटर से शुरू बताई गई है। इसमें Tiago.ev के लिए रोजाना 44 किलोमीटर और Punch.ev के लिए 60 किलोमीटर की रनिंग को आधार माना गया है।
वहीं Nexon.ev के लिए BaaS लागत ₹4.4 प्रति किलोमीटर, Curvv.ev के लिए ₹5.0, Sierra.ev के लिए ₹5.5 और Harrier.ev के लिए ₹5.9 प्रति किलोमीटर से शुरू बताई गई है। इन मॉडलों के लिए रोजाना 60 किलोमीटर की रनिंग को आधार बनाया गया है।
EV खरीदने वालों को क्या मिलेगा फायदा?
BaaS का सबसे बड़ा असर इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती खरीद कीमत पर दिखाई देता है। बैटरी की लागत अलग होने से ग्राहक को वाहन खरीदते समय कम रकम की जरूरत पड़ सकती है।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक श्रीवास्तव के अनुसार, कंपनी EV खरीदने वाले ग्राहकों को ओनरशिप कॉस्ट की तुलना करने में अधिक विकल्प और पारदर्शिता देना चाहती है।
हालांकि, ग्राहक को फैसला लेते समय केवल एक्स-शोरूम कीमत नहीं, बल्कि बैटरी की मासिक किस्त, चार्जिंग खर्च, मेंटेनेंस और अन्य संबंधित लागतों को भी जोड़कर कुल खर्च देखना होगा।
EV बाजार में बढ़ रहा BaaS मॉडल
भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बैटरी को वाहन की कीमत से अलग रखने वाला मॉडल धीरे-धीरे चर्चा में आ रहा है। टाटा मोटर्स के अलावा JSW MG Motor, Hyundai, Toyota, Mahindra, Maruti Suzuki और Citroën जैसी कंपनियां भी चुनिंदा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए BaaS विकल्प उपलब्ध करा रही हैं।
टाटा मोटर्स द्वारा पूरे इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में इस व्यवस्था का विस्तार किए जाने से ग्राहकों के सामने EV खरीदने के लिए एक अलग वित्तीय मॉडल उपलब्ध हुआ है। आने वाले समय में इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्राहक कम शुरुआती कीमत और अलग बैटरी भुगतान वाले मॉडल को किस तरह देखते हैं।

