सीतामढ़ी। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जिले की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी अनुपालन पर जोर दिया है। शुक्रवार को विमर्श सभा कक्ष में अपर समाहर्ता (राजस्व) संजीव कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई।
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न एजेंडों की विस्तार से समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के साथ नियमित रूप से विशेष जांच और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर चलेगा विशेष अभियान

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़े भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए गए।
अपर समाहर्ता ने संबंधित विभागों को नियमित अभियान चलाने और सप्ताह में कम से कम दो दिन विशेष ड्राइव संचालित करने को कहा। इसका उद्देश्य सड़क पर यातायात के सुचारू संचालन के साथ दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है।
ड्रंकन ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
अपर समाहर्ता ने नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने का निर्देश दिया। पुलिस, मद्यनिषेध और परिवहन विभाग को मुख्य मार्गों तथा संवेदनशील स्थानों पर नियमित जांच अभियान चलाने को कहा गया।
जांच के दौरान ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल करने और नशे की हालत में वाहन चलाते पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार चेक पोस्ट की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इन स्थानों पर पुलिस, मद्यनिषेध, परिवहन और खनन विभाग की टीमें आपसी समन्वय से जांच करेंगी।
दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर में इलाज पर जोर
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई। अपर समाहर्ता ने एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर जरूरी उपचार मिलना महत्वपूर्ण है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस रिस्पॉन्स व्यवस्था और नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने को कहा गया।
गुड सेमेरिटन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
बैठक में सड़क दुर्घटना के घायलों की मदद करने वाले नागरिकों यानी गुड सेमेरिटन से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। आम लोगों के बीच इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने और गुड सेमेरिटन से जुड़े प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, ताकि हादसे के समय अधिक लोग पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आ सकें।
हिट एंड रन मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
बैठक में हिट एंड रन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने और जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी करने को कहा गया।
इसका उद्देश्य पात्र पीड़ितों और उनके आश्रितों को नियमानुसार मिलने वाली सहायता में अनावश्यक देरी को रोकना है।
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान
अपर समाहर्ता ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों के प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि जन-जागरूकता भी जरूरी है। स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
विशेष रूप से युवाओं को हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे में वाहन नहीं चलाने और यातायात संकेतों का पालन करने के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
बैठक में पुलिस, परिवहन विभाग, एनएचएआई और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। जिला परिवहन पदाधिकारी निशांत कुमार सहित पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस, मद्यनिषेध, परिवहन, एनएचएआई, खनन और अन्य विभागों के वरीय पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
रिपोर्ट: राहुल देव सोलंकी।

