सीतामढ़ी में जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा शुरू, परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता पर जोर

सीतामढ़ी में जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा शुरू, परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता पर जोर

सीतामढ़ी। मिशन परिवार विकास के तहत आयोजित जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा का शुभारंभ मंगलवार को मॉडल अस्पताल, सीतामढ़ी में किया गया। जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया और सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव ने संयुक्त रूप से अभियान की शुरुआत की। इस दौरान परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता बढ़ाने और योग्य दंपतियों को उनकी जरूरत एवं पसंद के अनुसार उपयुक्त साधन अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

स्वस्थ और सीमित परिवार को बताया विकास का आधार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम तनय सुल्तानिया ने कहा कि परिवार नियोजन समाज के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि सीमित और स्वस्थ परिवार से बच्चों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सर्वांगीण विकास में मदद मिलती है।

डीएम ने परिवार नियोजन को केवल जनसंख्या नियंत्रण के नजरिए से देखने के बजाय इसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बेहतर जीवन स्तर और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जोड़कर देखने की जरूरत बताई।

सीतामढ़ी का प्रजनन दर 2.9, 2.0 तक लाने पर जोर

सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव ने बताया कि सीतामढ़ी जिले का वर्तमान कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate) 2.9 है। इसे घटाकर 2.0 के स्तर तक लाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए समुदाय के बीच परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की उपलब्धता, उपयोगिता और प्रभावशीलता की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाना जरूरी है। योग्य दंपतियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप परिवार नियोजन के साधनों के चयन की सही जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।

स्थायी और अस्थायी साधनों की दी जाएगी जानकारी

सिविल सर्जन ने बताया कि परिवार नियोजन के स्थायी साधनों, जैसे पुरुष नसबंदी और महिला बंध्याकरण, के साथ अस्थायी साधनों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

इनमें अंतरा, छाया, माला-N और कंडोम जैसे साधन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि योग्य दंपतियों को इन साधनों के बारे में सही और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे अपनी जरूरत के अनुसार उपयुक्त विकल्प का चयन कर सकें।

आशा और एएनएम के जरिए चलेगा जागरूकता अभियान

सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से परिवार नियोजन सेवाओं को समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की। इसके लिए आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी और अन्य फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित काउंसलिंग और जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने परिवार नियोजन से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को सुरक्षित एवं वैज्ञानिक जानकारी देने की आवश्यकता भी बताई।

स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के बारे में उपस्थित लोगों को जानकारी दी गई। साथ ही समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक विजय झा, पीरामल फाउंडेशन के प्रभाकर कुमार, अकरम खान, बिकेश कुमार, PSI India के विनय कुमार सहित मॉडल अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य संबंधित कर्मी मौजूद रहे।

NEWS ANP के लिए सीतामढ़ी से राहुल देव सोलंकी की रिपोर्ट।

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