विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में भाकपा माले ने प्रतिरोध मार्च निकाला। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
SIR के विरोध में सड़क पर उतरी भाकपा माले
भाकपा माले नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार SIR के माध्यम से वोट चोरी कर रही है और इसमें चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। नेताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की मांग की।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
भाकपा माले नेता रितेश कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं।
रितेश कुमार ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। ये आरोप भाकपा माले नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आंदोलन
आंदोलन के दौरान नेताओं ने देश में वोटों की कथित चोरी का मुद्दा उठाया। भाकपा माले ने SIR की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
वहीं, आईसा झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष स्नेश महतो ने भी आंदोलन के दौरान पार्टी की मांगों और SIR के विरोध में अपनी बात रखी।
भाकपा माले नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

