सिंदरी: शहीद भगत सिंह सोसाइटी की सांस्कृतिक शाखा द्वितीय की ओर से आयोजित तीन दिवसीय महामिलन उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक सिंदरी के ऑफिसर्स क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से संस्था के पुराने सदस्य, रेनबो क्लब के साथी और उनके परिवारजन शामिल हुए। वर्षों बाद पुराने मित्रों के एक-दूसरे से मिलने पर कार्यक्रम स्थल का माहौल उत्साह, आत्मीयता और पुरानी यादों से भर उठा।
1983 में हुई थी संस्था की स्थापना
शहीद भगत सिंह सोसाइटी की स्थापना वर्ष 1983 में आरएम-4 कॉलोनी के युवाओं और रेनबो क्लब के सहयोग से की गई थी। काली सेनगुप्ता के नेतृत्व में शुरू हुई इस संस्था ने दशकों तक सिंदरी में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में योगदान दिया।
संस्था की ओर से प्रभात फेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएं, रक्तदान के प्रति जागरूकता और गरीब बच्चों की शिक्षा जैसे कार्य किए जाते रहे। इन गतिविधियों के माध्यम से संस्था ने स्थानीय समाज में अपनी अलग पहचान बनाई।
सोशल मीडिया के जरिए 25 साल बाद फिर जुड़े पुराने साथी
समय के साथ संस्था के कई सदस्य अलग-अलग स्थानों पर बस गए और आपसी संपर्क कम हो गया। पुराने साथियों को फिर से जोड़ने के लिए करीब 25 वर्षों की यादों को आधार बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क अभियान शुरू किया गया। इस पहल का परिणाम तीन दिवसीय महामिलन उत्सव के रूप में सामने आया।
देश के अलग-अलग राज्यों से पुराने सदस्य अपने परिवारों के साथ सिंदरी पहुंचे। लंबे अंतराल के बाद मित्रों और सहयोगियों से मुलाकात ने सभी को पुरानी यादें ताजा करने का अवसर दिया।

डॉ. सीजी साहा और दीपा साहा को किया सम्मानित
उत्सव के दौरान कोविड काल में समाज के प्रति सराहनीय सहयोग के लिए सिंदरी के डॉ. सीजी साहा और उनकी पत्नी दीपा साहा को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही संस्था के अन्य सदस्यों को भी उनके समर्पण और सहयोग के लिए अंगवस्त्र तथा स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।
सम्मान समारोह के दौरान संस्था के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों में योगदान देने वाले साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा और बंगाल से पहुंचे सदस्य
महामिलन उत्सव में गुजरात से गौतम बोस, महाराष्ट्र के पुणे से प्रबीर सखेल, हरियाणा से राजेंद्र भगत और आशीष दास तथा कोलकाता से गौतम चक्रवर्ती शामिल हुए। शांतिनिकेतन से सिपरा जैस, शक्ति राय चौधरी और चंद्रा राय चौधरी भी कार्यक्रम में पहुंचे।
इसके अलावा सिंदरी और धनबाद से रूना चटर्जी, विश्वनाथ चटर्जी, सरवरी देवी, शरवानी कॉर, इंद्राणी भट्टाचार्य, अभिजीत भट्टाचार्य और शांतिनिकेतन से मोहियान जस मंडल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सचिव ने जताया सभी के प्रति आभार
संस्था के सचिव एसके सेन गुप्ता ने महामिलन उत्सव में शामिल सभी सदस्यों, रेनबो क्लब के साथियों, गणमान्य व्यक्तियों और प्रेस प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
तीन दिवसीय यह आयोजन केवल पुराने मित्रों के मिलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संस्था की वर्षों पुरानी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को फिर से याद करने का अवसर भी बना।

