सरायकेला। जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ उत्पाद विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत 29 अगस्त 2026 को नीमडीह थाना क्षेत्र के जुगीलोंग गांव में उत्पाद विभाग की टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पांच अवैध चुलाई भट्टियों को ध्वस्त किया गया।
छापेमारी में बड़ी मात्रा में जावा महुआ और महुआ चुलाई शराब बरामद की गई। विभाग ने बरामद सामग्री को जब्त करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पांच अवैध चुलाई भट्टियां की गईं ध्वस्त
उपायुक्त सरायकेला-खरसावां और अधीक्षक उत्पाद के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। प्राप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने नीमडीह थाना अंतर्गत जुगीलोंग गांव में कार्रवाई की।
टीम ने मौके पर संचालित पांच अवैध चुलाई भट्टियों को ध्वस्त कर दिया। विभाग की कार्रवाई से अवैध शराब निर्माण में लगे लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति रही।
2400 किलो जावा महुआ और 60 लीटर शराब जब्त
छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने 2,400 किलोग्राम जावा महुआ बरामद किया। इसके अलावा मौके से 60 लीटर महुआ चुलाई शराब भी जब्त की गई।
बरामद अवैध उत्पाद को नियमानुसार जब्त कर लिया गया है। विभाग की ओर से संबंधित अवैध चुलाई अड्डा संचालकों के खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, परिवहन, भंडारण और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और ऐसे कारोबार पर अंकुश लगाना है।
प्रशासन ने अवैध शराब के कारण होने वाले स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और सामाजिक दुष्प्रभावों को देखते हुए आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है।
सूचना मिलने पर प्रशासन को बताने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी व्यक्ति या स्थान पर अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या प्रशासन को दें। प्राप्त सूचना के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के विनिर्माण और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।


