साहिबगंज। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है और राहत सामग्री के वितरण को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की स्थिति को देखते हुए उन्हें पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने राहत के नाम पर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
राहत सामग्री को लेकर मरांडी ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के तौर पर केवल दो-दो किलो चूड़ा और गुड़ दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी कम सामग्री से बाढ़ प्रभावित परिवारों की जरूरत कैसे पूरी होगी।
मरांडी ने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल और पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने राहत वितरण की व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की।
हालांकि, राहत सामग्री के वितरण और सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर लगाए गए ये आरोप बाबूलाल मरांडी के बयान पर आधारित हैं।
राहत वितरण में गड़बड़ी की शिकायत का दावा
बाबूलाल मरांडी ने बताया कि बुधवार को साहिबगंज पहुंचने के बाद कई लोगों ने उनसे राहत सामग्री के वितरण में कथित गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी लेने के लिए उपायुक्त से फोन पर बातचीत करने का प्रयास किया।
मरांडी के अनुसार, उन्होंने उपायुक्त को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन उपायुक्त ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। इसको लेकर उन्होंने जिला प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाया।
‘उपायुक्त जनता के सेवक हैं, नवाब नहीं’
उपायुक्त से मुलाकात नहीं होने पर बाबूलाल मरांडी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब उपायुक्त के पास नेता प्रतिपक्ष से मिलने का समय नहीं है, तो आम जनता के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
मरांडी ने कहा कि उपायुक्त जनता के सेवक होते हैं, नवाब नहीं। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और राहत व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की।
छात्रों के आंदोलन का भी किया जिक्र
बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के मुद्दे को लेकर चल रहे आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल छात्रों का आंदोलन चल रहा है, इसलिए वह इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देना चाहते।
उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा सामने आती है तो वह स्टेडियम में धरने पर बैठेंगे और उपायुक्त को वहां आकर उनसे मिलना ही होगा।
JPSC-JSSC मुद्दे पर साहिबगंज पहुंचे थे मरांडी
बाबूलाल मरांडी साहिबगंज में भाजपा के आक्रोशपूर्ण आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे। यह आंदोलन JPSC और JSSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा छात्रों पर दर्ज मामलों के विरोध में आयोजित किया गया था।
आंदोलन की शुरुआत शहर के पूर्वी फाटक से हुई और प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट भवन की ओर बढ़े। आंदोलन की सूचना मिलने के बाद फाटक बंद कर दिया गया। उपायुक्त की अनुपस्थिति में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर समाहर्ता (ADC) को आवेदन सौंपा।
इसी दौरान पत्रकारों से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज की बाढ़ राहत व्यवस्था और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
