ऑनलाइन कारोबार पर रिलायंस रिटेल का बड़ा दांव, JioMart की ग्रोथ 42%, ब्रोकरेज हाउस भी उत्साहित

ऑनलाइन कारोबार पर रिलायंस रिटेल का बड़ा दांव, JioMart की ग्रोथ 42%, ब्रोकरेज हाउस भी उत्साहित

ऑनलाइन कारोबार को मजबूत करने में जुटी रिलायंस रिटेल

मुंबई। रिलायंस रिटेल ने ऑनलाइन कारोबार और क्विक कॉमर्स को मजबूत बनाने के लिए बड़े निवेश की रणनीति अपनाई है। कंपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म, डार्क स्टोर नेटवर्क और सप्लाई चेन के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। रिलायंस रिटेल की इस रणनीति को प्रमुख ब्रोकरेज हाउस और एनालिस्टों का भी समर्थन मिल रहा है। जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका और CLSA सहित कई संस्थानों ने कंपनी की कारोबारी योजनाओं को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है।

एनालिस्टों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 यानी FY27 रिलायंस रिटेल के लिए निवेश और कारोबारी पुनर्गठन का साल हो सकता है। इन निवेशों का वास्तविक लाभ वित्त वर्ष 2028 और 2029 में दिखाई देने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि डिजिटल कारोबार के विस्तार और परिचालन क्षमता में सुधार से आने वाले वर्षों में कंपनी की लाभप्रदता बढ़ सकती है।

क्विक कॉमर्स और डार्क स्टोर नेटवर्क पर जोर

रिलायंस रिटेल का निवेश मुख्य रूप से क्विक कॉमर्स, डार्क स्टोर नेटवर्क, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। कंपनी ग्राहकों के नजदीक सामान उपलब्ध कराने और ऑनलाइन ऑर्डर की तेज डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है।

इसके साथ ही कंपनी मौजूदा स्टोर नेटवर्क का पुनर्गठन और कंसोलिडेशन भी कर रही है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। कंपनी चाहती है कि उसके मौजूदा रिटेल स्टोर भी डिजिटल ऑर्डर और डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

FY28 से ऑनलाइन कारोबार के मुनाफे में योगदान की उम्मीद

रिलायंस रिटेल की रणनीति को लेकर अलग-अलग ब्रोकरेज संस्थानों ने अपने अनुमान साझा किए हैं। जेपी मॉर्गन का मानना है कि कंपनी का ऑनलाइन कारोबार वित्त वर्ष 2028 से मुनाफे में सकारात्मक योगदान देना शुरू कर सकता है।

बैंक ऑफ अमेरिका के मुताबिक, कंपनी फिलहाल अल्पकालिक कमाई बढ़ाने के बजाय मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने को प्राथमिकता दे रही है। डार्क स्टोर नेटवर्क का विस्तार और बेहतर उपयोग होने से भविष्य में इसकी लाभप्रदता में सुधार संभव है।

वहीं, CLSA का अनुमान है कि ऑफलाइन कारोबार के कंसोलिडेशन और डिजिटल विस्तार से अगले दो वर्षों में EBITDA में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और प्रभुदास लीलाधर ने भी FY28 और FY29 में बेहतर उत्पादकता तथा लाभप्रदता की उम्मीद जताई है।

JioMart का ऑनलाइन ग्रॉसरी कारोबार 42 प्रतिशत बढ़ा

रिलायंस रिटेल के डिजिटल कारोबार में तेजी के संकेत भी मिल रहे हैं। सितंबर तिमाही में जियोमार्ट के ऑनलाइन ग्रॉसरी कारोबार में सालाना आधार पर 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह कंपनी के डिजिटल रिटेल कारोबार के विस्तार का महत्वपूर्ण संकेत है।

कंपनी अपने ऑनलाइन कारोबार को बढ़ाने के लिए 1,000 से अधिक शहरों और कस्बों में फैले 5,000 से ज्यादा स्टोर के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से ग्राहकों तक सामान पहुंचाने और ऑनलाइन ऑर्डर की पूर्ति को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

303 नए स्टोर खुले, ग्राहक आधार 40 करोड़ के पार

रिलायंस रिटेल ने बेहतर कारोबारी संभावनाओं वाले क्षेत्रों में 303 नए स्टोर भी खोले हैं। कंपनी का रजिस्टर्ड ग्राहक आधार 10 प्रतिशत बढ़कर 40 करोड़ के पार पहुंच गया है। ग्राहकों की बढ़ती संख्या और जियोमार्ट के ऑनलाइन कारोबार में दर्ज वृद्धि से कंपनी को डिजिटल रिटेल क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर रिलायंस रिटेल FY27 में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्विक कॉमर्स पर निवेश बढ़ाकर आने वाले वर्षों में बेहतर मुनाफे की जमीन तैयार कर रही है। हालांकि, ब्रोकरेज हाउस के अनुमान भविष्य की कारोबारी संभावनाओं पर आधारित हैं और वास्तविक प्रदर्शन कंपनी के निवेश, प्रतिस्पर्धा तथा बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा।

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