श्री श्री दुर्गा पूजा नवयुवक समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
धनबाद। रानीबांध, धैया स्थित शनि देव मंदिर में श्री श्री दुर्गा पूजा नवयुवक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस वर्ष दुर्गा पूजा की 16वीं वर्षगांठ को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। पूजा और इससे जुड़े आयोजनों को लेकर समिति की ओर से तैयारियों की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
बैठक में समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों का चयन भी सर्वसम्मति से किया गया। समिति के सदस्यों ने आगामी पूजा आयोजन को व्यवस्थित और भव्य तरीके से आयोजित करने को लेकर अपनी जिम्मेदारियां संभालीं।
पप्पू सिंह को फिर मिली अध्यक्ष की जिम्मेदारी
बैठक में सर्वसम्मति से पप्पू सिंह को पुनः समिति का अध्यक्ष बनाया गया। वहीं मिहिर दत्ता को संरक्षक और अमृत सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
टिंकू सरकार को महासचिव और संजय रजक को कोषाध्यक्ष बनाया गया। उपाध्यक्ष के रूप में ध्रुब रजक, नंदू रजक, डब्लू सिंह, रवि मुखर्जी और सुरेश कुमार को जिम्मेदारी दी गई।
मेला संचालन के लिए आकाश दास और दिलीप ठाकुर को मेला इंचार्ज बनाया गया। सह सचिव के रूप में राजेंद्र रजक, जितेंदर सिंह, आकाश सिंह, सुदीप दत्ता और टिंकू दास को जिम्मेदारी दी गई।
पूजा और मेले के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय
पूजा आयोजन की जिम्मेदारी गोपाल नाग को पूजा इंचार्ज के रूप में दी गई। उनके साथ अरुण दास, प्रकाश डे, नरेन् राय और बृन्दावान डे भी पूजा व्यवस्था में सहयोग करेंगे। महिला सदस्यों में राजलक्ष्मी शर्मा को शामिल किया गया है।
समिति की बैठक में पूजा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की गई। आयोजकों का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान बेहतर माहौल और सुविधाएं मिल सकें।
झारखंड की सांस्कृतिक थीम पर बनेगा पंडाल
इस वर्ष रानीबांध में दुर्गा पूजा के लिए पंडाल का निर्माण झारखंड की सांस्कृतिक थीम पर किया जाएगा। इसके साथ ही विद्युत सज्जा की जिम्मेदारी झारखंड के प्रसिद्ध माणिक लाइट डेकोरेटर्स को दी गई है।
रानीबांध तालाब को भी आकर्षक और भव्य विद्युत सज्जा से सजाने की योजना है। इससे पूजा के दौरान क्षेत्र में विशेष आकर्षण देखने को मिलेगा।
सप्तमी से नवमी तक सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला
समिति की ओर से रानीबांध में सप्तमी, अष्टमी और नवमी के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेले का आयोजन भी किया जाएगा।
बंगाल से आए मूर्तिकार और शिल्पकार मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण करेंगे। वहीं अष्टमी और नवमी के दिन श्रद्धालुओं के बीच मां के भोग का वितरण किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, इन आयोजनों में कोयलांचल के गणमान्य समाजसेवी और बुद्धिजीवियों के भी उपस्थित रहने की उम्मीद है। समिति की ओर से पूजा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

