रांची नगर निगम की टैक्स वसूली पर संकट, 55 दिनों से सेवाएं प्रभावित
रांची। रांची नगर निगम में होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सेवाएं 21 अगस्त से ठप हैं। करीब 55 दिनों से इन सेवाओं को पूरी तरह बहाल नहीं किए जाने के कारण निगम की राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए मेयर रोशनी खलखो ने नगर आयुक्त सुशांत गौरव को पत्र लिखकर निजी एजेंसी के चयन की मांग की है।
मेयर का कहना है कि निगम के स्तर पर हो रही टैक्स वसूली काफी कम है। यदि राजस्व संग्रह में तेजी नहीं आई, तो भविष्य में निगम को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए निजी एजेंसी की मांग
मेयर रोशनी खलखो ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में सुझाव दिया है कि नगर निगम अपने स्तर पर निजी एजेंसी का चयन कर उसे टैक्स वसूली की जिम्मेदारी सौंपे। इससे राजस्व संग्रह बढ़ाने और शहर के विकास कार्यों के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती है।
वर्तमान में नगर निगम अपने टैक्स कलेक्टरों के माध्यम से वसूली कर रहा है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में टैक्स कलेक्शन पहले की तुलना में काफी कम हो गया है।
बोर्ड की बैठक में भी पास हुआ था प्रस्ताव
नगर निगम बोर्ड की 27 अगस्त को हुई बैठक में निगम के स्तर पर नई एजेंसी का चयन करने से संबंधित प्रस्ताव लाया गया था। इसमें कहा गया था कि राज्य सरकार की ओर से पुरानी एजेंसी का कार्यकाल अचानक समाप्त किए जाने के बाद आम लोगों को परेशानी हो रही है।
प्रस्ताव का उद्देश्य निगम के स्तर पर नई एजेंसी का चयन कर टैक्स वसूली और संबंधित सेवाओं को सुचारु बनाना था। हालांकि, खबर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने की दिशा में अब तक ठोस प्रगति नहीं हुई है।
55 दिनों में सिर्फ 75 लाख रुपये की टैक्स वसूली
निजी एजेंसी का काम बंद होने के बाद नगर निगम के टैक्स कलेक्टरों को वसूली की जिम्मेदारी दी गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 55 दिनों में इस व्यवस्था के तहत केवल 75 लाख रुपये का टैक्स कलेक्शन हुआ।
वहीं, दावा किया गया है कि निजी एजेंसी इसी अवधि में करीब 14 करोड़ रुपये की वसूली करती थी। दोनों आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर निगम के राजस्व संग्रह पर पड़ रहे प्रभाव को दर्शाता है।
होल्डिंग नंबर में सुधार और ट्रेड लाइसेंस का काम भी बंद
वर्तमान व्यवस्था में टैक्स कलेक्टरों के माध्यम से केवल होल्डिंग टैक्स की वसूली हो रही है। नया होल्डिंग नंबर जारी करने, पुराने होल्डिंग नंबर में सुधार करने और ट्रेड लाइसेंस बनाने जैसी सेवाएं प्रभावित हैं।
इन सेवाओं के बंद रहने से नए आवेदन करने वाले और अपने पुराने रिकॉर्ड में सुधार कराने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। अब नजर इस बात पर है कि नगर निगम निजी एजेंसी के चयन और लंबित सेवाओं को बहाल करने के लिए क्या कदम उठाता है।
मेयर ने राजस्व संग्रह को मजबूत बनाने के लिए जल्द निर्णय लेने की जरूरत बताई है, ताकि निगम की वित्तीय स्थिति बेहतर हो और आम नागरिकों को जरूरी सेवाएं मिल सकें।

