रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सीटों की खरीद-फरोख्त के आरोपों की CBI जांच की मांग को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में झरिया विधायक रागिनी सिंह भी शामिल हुईं। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने किया।
CBI जांच की मांग दोहराई
प्रदर्शन के दौरान झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल और आरोप सामने आए हैं, तो उनकी निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मांग की कि JPSC एवं JSSC मामलों की CBI से जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर दिया जोर
रागिनी सिंह ने कहा कि प्रत्येक अभ्यर्थी को उसकी मेहनत, योग्यता और प्रतिभा के आधार पर समान अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भर्ती प्रक्रिया पर छात्रों का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।
लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात
झरिया विधायक ने कहा कि जब तक राज्य सरकार CBI जांच की अनुशंसा नहीं करती, तब तक NDA छात्रों और युवाओं के अधिकार, न्याय तथा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल लाखों अभ्यर्थियों के हितों और उनके भविष्य की रक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है।
हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

