नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग, भारत सरकार द्वारा देशभर की महिला विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यशाला में झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सहभागिता की। “जेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और शासन-व्यवस्था में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
कार्यशाला के दौरान देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आईं महिला जनप्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने और शासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर मिला।
नीति निर्माण में महिलाओं की प्रभावी भूमिका जरूरी
झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण और शासन-व्यवस्था के प्रत्येक स्तर पर महिलाओं की भूमिका प्रभावी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर ही समाज और देश के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से शासन और नीति निर्माण में समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरतों को बेहतर ढंग से शामिल करने में मदद मिलती है।
हर क्षेत्र में महिलाएं साबित कर रही हैं अपनी क्षमता
रागिनी सिंह ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, राजनीति, प्रशासन और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। ऐसे में आवश्यकता है कि महिलाओं की आवाज को नीति निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक मजबूती के साथ शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आवश्यकताओं, अधिकारों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को समझते हुए नीतियां तैयार करना समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी से विकास की प्रक्रिया को अधिक व्यापक और समावेशी बनाया जा सकता है।
जेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस पर हुआ विचार-विमर्श
कार्यशाला में “जेंडर रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस” के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसका उद्देश्य ऐसी शासन व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें महिलाओं की जरूरतों और अधिकारों को प्राथमिकता के साथ समझते हुए प्रभावी नीतियों और योजनाओं पर काम किया जा सके।
रागिनी सिंह ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के लिए इस तरह की कार्यशालाएं महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे उन्हें एक-दूसरे के अनुभवों को जानने और शासन से जुड़े बेहतर मॉडल को समझने का अवसर मिलता है।
कार्यशाला के अनुभवों को क्षेत्र में उपयोग करने की बात
झरिया विधायक ने कहा कि कार्यशाला के दौरान प्राप्त अनुभवों और विचारों का उपयोग अपने क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और जनहित से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में किया जाएगा।
उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा महिला विधायकों के लिए आयोजित इस कार्यशाला को सराहनीय पहल बताया। रागिनी सिंह ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

