धनबाद: धनबाद जिले की चिरकुंडा थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार व्यक्ति एक संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़ा है और आगामी रेलवे टेंडरों के दौरान ठेकेदारों से रंगदारी वसूलने की साजिश में शामिल था।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी में है और उसने एक परिचित के घर में अवैध हथियार तथा कारतूस छिपाकर रखे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और संबंधित स्थान पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो देशी पिस्टल, उनकी मैगजीन और 33 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया, जिसकी जांच की जा रही है।
पूछताछ में सामने आई अहम जानकारी
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह एक संगठित आपराधिक गिरोह के निर्देश पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि गिरोह की योजना रेलवे से जुड़े आगामी टेंडरों के दौरान ठेकेदारों को डराकर अवैध वसूली करने की थी। हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है और पुलिस मामले के अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
इस मामले में चिरकुंडा थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है और बरामद मोबाइल के डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
संगठित अपराध पर पुलिस की नजर
धनबाद पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे टेंडर सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान किसी भी तरह की रंगदारी या आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

