नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक वीडियो जारी कर कहा कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में बड़ा फैसला लिया जाएगा और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
पीएम मोदी के इस संदेश के कुछ ही मिनट बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने करीब 26 दिनों तक NEET पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अनशन किया था।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
“अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ा। इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था। यह कदम कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया। मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा। इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप बहुत सतर्क रहें और कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने दें।”-सोनम वांगचुक
एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह हॉस्पिटल में सोनम वांगचुक से मिलते दिख रहे हैं। बता दें कि सरकार और जंतर-मंतर पर लगभग एक महीने से आंदोलन कर रहे CJP समर्थकों के बीच कई मर्तबा बातचीत हुई, लेकिन बात नहीं बनी थी। हालांकि, माना जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने के आश्वासन की दिशा में पहल के बाद वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने का निर्णय लिया।
बता दें कि सोनम वांगचुक ने 28 जून को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका समर्थन उन छात्रों और युवाओं के आंदोलन को था जो अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

