पाकुड़। पाकुड़ नगर परिषद में करीब 2 करोड़ रुपये की सड़क योजना के चयन को लेकर विवाद गहरा गया है। योजना चयन में निर्धारित नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 10 वार्ड पार्षदों ने अपने समर्थकों के साथ नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना दिया।
इस दौरान पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने योजना चयन की जांच कराने और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की।
10 वार्ड पार्षदों ने लगाए नियमों की अनदेखी के आरोप
धरने में वार्ड पार्षद रूपाली सरकार, मो. असलम राजा हाड़ी, मिथुन मरांडी और किरण लाल कपड़ी समेत अन्य पार्षद शामिल हुए। उनका आरोप है कि सड़क योजनाओं के चयन में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया।
पार्षदों ने कहा कि इस संबंध में कई बार आवेदन देकर शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में उन्होंने नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना देकर अपनी मांगें उठाईं।
हालांकि, योजना चयन में अनियमितता के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
समझौते और कार्यादेश पर रोक लगाने की मांग
प्रदर्शनकारी पार्षदों ने मांग की कि संबंधित विभाग से मार्गदर्शन मिलने तक सड़क योजना से जुड़े समझौते, कार्यादेश और आगे की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने स्थायी समिति से स्वीकृत 11 वार्डों की योजनाओं की वैधता और नियमों के पालन की जांच कराने की मांग की। पार्षदों का कहना है कि योजना चयन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और निर्धारित नियमों के अनुसार ही योजनाओं को मंजूरी दी जानी चाहिए।
सभी 21 वार्डों में नए सिरे से योजना चयन की मांग
पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित टेंडर रद्द किए जाएं। उन्होंने सभी 21 वार्डों के लिए नियमानुसार नए सिरे से योजनाओं का चयन करने की मांग भी रखी।
उनका कहना है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके तहत अनिश्चितकालीन धरना, चक्का जाम और नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
नगर परिषद की सड़क योजना को लेकर पार्षदों का विरोध अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग पर केंद्रित है। फिलहाल, योजना चयन को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
बाइट: मो. असलम, वार्ड पार्षद
बाइट: किरण लाल कपड़ी, वार्ड पार्षद

