पाकुड़: सावन के पवित्र सोमवार को पाकुड़ के प्रसिद्ध जटाधारी मंदिर में चोरी की घटना सामने आने से श्रद्धालुओं में नाराजगी है। नगर थाना क्षेत्र के राजापाड़ा स्थित मंदिर में सोमवार सुबह पुजारी पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे तो मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ मिला। मंदिर के अंदर जाने पर दानपात्रों में चोरी के साथ-साथ शिवलिंग की पीतल की वेदी को भी क्षतिग्रस्त पाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल नगर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी अनिल गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।
दो दानपात्रों को बनाया निशाना
मंदिर में रखे दो दानपात्रों में से एक को चोर अपने साथ ले गए, जबकि दूसरे दानपात्र का ताला तोड़कर उसमें रखी दान की राशि निकाल ली गई। पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में छानबीन शुरू की।
जांच के दौरान मंदिर के पीछे झाड़ियों से गायब दानपात्र बरामद कर लिया गया। हालांकि, उसमें रखी नकदी नहीं मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि चोर दानपात्र में रखी रकम निकालने के बाद उसे मंदिर के पीछे छोड़कर फरार हो गए।
शिवलिंग की पीतल की वेदी भी क्षतिग्रस्त
चोरी के दौरान चोरों ने मंदिर में स्थापित शिवलिंग के चारों ओर लगी पीतल की वेदी को भी नुकसान पहुंचाया। वेदी का फ्रेम उखड़ा हुआ मिला। इससे मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं में काफी नाराजगी है।
मंदिर के सहायक पुजारी गौरव कुमार चौबे ने बताया कि सुबह मंदिर खोलने पहुंचे तो मुख्य द्वार का ताला टूटा मिला। अंदर जाने पर एक बड़ा दानपात्र टूटा हुआ था, जबकि दूसरा दानपात्र वहां से गायब था। इसके अलावा शिवलिंग की पीतल की वेदी भी क्षतिग्रस्त मिली।
पहले भी हो चुकी हैं चोरी की घटनाएं
पुजारी गौरव कुमार चौबे के अनुसार जटाधारी मंदिर में इससे पहले भी पांच से छह बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका कहना है कि इस बार चोरों ने दानपात्र में रखी राशि चोरी करने के साथ मंदिर की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है।
बार-बार चोरी की घटनाओं को लेकर श्रद्धालुओं में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच, जल्द खुलासे की मांग
सावन के सोमवार को मंदिर में चोरी होने की घटना को लेकर श्रद्धालुओं ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सावन में बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे समय में मंदिर में चोरी की घटना से लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।
पुलिस आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा पुलिस अन्य संभावित बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। फिलहाल चोरी हुई नकदी की कुल राशि का पता नहीं चल सका है। पुलिस का प्रयास है कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाए।

जटाधारी मंदिर पर्यटन विभाग की डी श्रेणी में शामिल बताया गया है। सावन के सोमवार को यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है। ऐसे में चोरी की घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

