पाकुड़ के हिरणपुर में सांपों के जोड़े का दुर्लभ नज़ारा, देखने के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

पाकुड़ के हिरणपुर में सांपों के जोड़े का दुर्लभ नज़ारा, देखने के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़

झारखंड के पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड में सांपों के एक जोड़े का दुर्लभ दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया। सेंट ल्यूक्स मिशन अस्पताल परिसर के समीप झाड़ियों में दो सांप एक-दूसरे से लिपटे हुए दिखाई दिए। इस अनोखे नज़ारे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और सुरक्षित दूरी से इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।

झाड़ियों में लंबे समय तक दिखाई दिए दोनों सांप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों सांपों की लंबाई लगभग 7 से 8 फीट थी। वे काफी देर तक एक-दूसरे से लिपटे हुए झाड़ियों में दिखाई देते रहे। मौके पर मौजूद लोगों ने समझदारी दिखाते हुए किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की, जिससे सांप बिना किसी व्यवधान के अपने प्राकृतिक व्यवहार में बने रहे।

स्थानीय लोगों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए।

मानसून में बढ़ जाती है सांपों की सक्रियता

जानकारों के अनुसार, मानसून का मौसम अधिकांश सांपों के प्रजनन (मेटिंग) का समय होता है। इस दौरान वे अपेक्षाकृत शांत और सुरक्षित स्थानों पर मिलन करते हैं। इसी कारण इस तरह के दृश्य कभी-कभार ही देखने को मिलते हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दियों के दौरान अधिकांश सांप बिलों या सुरक्षित स्थानों में रहते हैं और मौसम अनुकूल होने पर बाहर निकलते हैं।

ग्रामीणों में दिखी उत्सुकता, जुड़ी हैं कई मान्यताएं

सांपों के जोड़े को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। कई लोगों ने इसे दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य बताया, जबकि कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इसे शुभ संकेत मानते हुए मनोकामनाएं भी मांगीं।

हालांकि, ऐसी मान्यताएं सांस्कृतिक विश्वासों पर आधारित हैं और इनका कोई स्थापित वैज्ञानिक आधार नहीं है।

वन्यजीव विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कहीं सांप दिखाई दें तो उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। उन्हें पकड़ने, छेड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना मनुष्यों और सांप दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।

प्राकृतिक आवास में वन्यजीवों को बिना बाधा के रहने देना ही सबसे सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार माना जाता है।

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