लोकतंत्र की आड़ में देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा विपक्ष : सुनील सोरेन

लोकतंत्र की आड़ में देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा विपक्ष : सुनील सोरेन

पाकुड़ में भाजपा ने की प्रेस वार्ता

पाकुड़। भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत बुधवार को व्याहुत धर्मशाला में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सोरेन, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता दिनेश विलियम मरांडी और जिला अध्यक्ष सुनीता मुर्मू सहित पार्टी के कई नेता शामिल हुए। प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों के रवैये पर सवाल उठाए। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री रूपेश भगत ने किया।

विपक्ष पर अराजकता फैलाने का लगाया आरोप

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सुनील सोरेन ने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र की आड़ में देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जनता अपने जनादेश के माध्यम से सरकार चुनती है और विपक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह पांच वर्षों तक जनता की समस्याओं तथा जनहित के मुद्दों को उठाए।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को जनता की आवाज सरकार तक पहुंचानी चाहिए। भाजपा सहित कई राजनीतिक दलों ने विपक्ष में रहते हुए इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। उनके मुताबिक, वर्तमान विपक्ष का रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

चुनावी व्यवस्था और ईवीएम पर कांग्रेस को घेरा

सुनील सोरेन ने चुनावी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में चुनाव कराने की परंपरा और मौजूदा व्यवस्था की शुरुआत कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। बैलेट पेपर से मतदान से लेकर ईवीएम के इस्तेमाल तक की व्यवस्था कांग्रेस के कार्यकाल में अपनाई गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनावी नतीजे विपक्षी दलों के पक्ष में नहीं आते हैं, तब वे स्थापित चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने लगते हैं। सोरेन ने कहा कि केरल, कर्नाटक और झारखंड जैसे राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं, लेकिन वहां चुनावी व्यवस्था को लेकर उसी तरह सवाल नहीं उठाए जाते। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

सुप्रीम कोर्ट और आपातकाल का किया जिक्र

ईवीएम को लेकर सुनील सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अदालत में ईवीएम हैकिंग और वोट चोरी के आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं मिला। हालांकि, यह उनका प्रेस वार्ता में दिया गया दावा है।

उन्होंने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला उनके खिलाफ आया था। इसके बाद देश में आपातकाल लागू किया गया। सोरेन ने इस ऐतिहासिक घटना के माध्यम से कांग्रेस के शासनकाल और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी।

झारखंड सरकार पर भी साधा निशाना

प्रेस वार्ता के दौरान सुनील सोरेन ने झारखंड सरकार पर भी निशाना साधा। हालांकि, उपलब्ध बयान में राज्य सरकार को लेकर उनके आरोपों का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया। कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दुर्गा मरांडी, पूर्व जिलाध्यक्ष अनुग्राहित प्रसाद साह, विवेकानंद तिवारी, जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, शर्मिला रजक और बृजमोहन चौबे सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस मौके पर सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक भी उपस्थित थे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक दिनेश विलियम मरांडी ने भी प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

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