पाकुड़ में श्रद्धाभाव से मनाई गई अनंत चतुर्दशी
पाकुड़। जिला मुख्यालय में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का त्योहार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
कालीभषाण मंदिर, ठाकुरबाड़ी मंदिर, दूधनाथ मंदिर, भगत पाड़ा शिव मंदिर और बिजली ऑफिस मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पूजा-अर्चना के बाद मंदिरों में महाआरती का आयोजन किया गया और भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण हुआ।
महिलाओं और बच्चों में दिखा विशेष उत्साह
अनंत चतुर्दशी को लेकर महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिरों में पुरोहितों द्वारा श्रद्धालुओं को अनंत चतुर्दशी की कथा सुनाई गई।
पूजा के दौरान भगवान को मीठे पकवानों के साथ पूरी और मिठाई का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेकर भगवान विष्णु की आराधना की और परिवार में सुख-शांति की कामना की।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ पूजन
पंडित विजेंद्र त्रिवेदी के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु की पूजा की और अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पूजा के बाद महाआरती में श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिरों में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। इसे अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है।
इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा के बाद श्रद्धालु अपनी बाजू पर अनंत सूत्र बांधते हैं। मान्यता है कि अनंत सूत्र भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है।

मंदिरों में दिनभर बना रहा भक्तिमय माहौल
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर पाकुड़ जिला मुख्यालय के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ मंदिरों में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।
महिलाओं, बच्चों और अन्य श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान विष्णु की आराधना की और सुख-शांति की प्रार्थना की।

